आरएसवी स्कूल में कला का उत्सव: विद्यार्थियों की प्रतिभा ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

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आरएसवी स्कूल में कला का उत्सव: विद्यार्थियों की प्रतिभा ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

बीकानेर: जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राइमरी विंग में कला और सृजनात्मकता का भव्य प्रदर्शन हुआ। कक्षा नर्सरी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी में रचनात्मकता और कलात्मकता का अद्भुत समागम देखने को मिला। यह आर्ट एंड क्राफ्ट एग्जीबिशन विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति और मेहनत का प्रतीक बन गई।

प्रदर्शनी का शुभारंभ और अतिथियों का स्वागत

कार्यक्रम का शुभारंभ डूंगर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. जी पी सिंह, राजकीय महाविद्यालय की पूर्व प्रधानाचार्या प्रोफेसर डॉ. विजय श्री गुप्ता और अभिभावक बलवीर सिंह चारण के द्वारा दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुआ। विद्यालय के सीईओ आदित्य स्वामी, रविंद्र भटनागर और श्वेता दाधीच ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।

कलाकृतियों ने दर्शकों को किया प्रभावित

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न कलाकृतियां, जैसे मंडला आर्ट, मधुबनी पेंटिंग, पेन स्केच, पेंसिल स्केच, वडली आर्ट, टिशू पेपर आर्ट, क्ले आर्ट और मिरर आर्ट, दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों ने बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट की कलाकृतियों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। 3D कलाकृतियों की बारीकी और सजीवता ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

अतिथियों की सराहना

डॉ. जी पी सिंह ने प्रदर्शनी में शामिल विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा, “विद्यालय में इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने में सहायक होती हैं। कला, मन की नकारात्मकता को दूर कर रचनात्मकता को बढ़ावा देती है।” प्रोफेसर डॉ. विजय श्री गुप्ता ने भी विद्यार्थियों की कला प्रेम की प्रशंसा की और उनकी कलाकृतियों को करीब से देखा।

विद्यालय का योगदान

आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुभाष स्वामी ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

सृजनात्मकता का संदेश

प्रदर्शनी ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज की पीढ़ी केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि कला और सृजनात्मकता में भी महारत हासिल कर रही है। बच्चों की मेहनत और उनकी सृजनात्मकता ने इस प्रदर्शनी को एक यादगार आयोजन बना दिया।

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