31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक होगा आयोजन
आर्ट & क्राफ्ट, क्रिएटिविटी, सांईस एक्टिविटिज, कल्चरल एक्टिविटिज, खेल खेल में ज्ञान – विज्ञान, एक्जिबिशन इत्यादि सहित होंगे विविध कार्यक्रम
गंगाशहर, 30 अक्टूबर। बाल – विकास हेतु प्रतिबद्ध एक अभिनव शैक्षणिक संस्थान श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी स्कूल द्वारा आगामी पांच दिन तक प्रकृति के संरक्षण संबंधित विविध आयामों का आयोजन किया जाएगा। इस अभिनव आयाम प्रकृति संरक्षण पंचामृत “प्रवाह” के पोस्टर का लोकार्पण अतिरिक्त शिक्षा निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान शैलेन्द्र कुमार देवड़ा ने किया। निदेशालय, प्रारंभिक शिक्षा में हुए इस लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मंत्रालयिक संघ के अध्यक्ष आनन्द कुमार स्वामी, शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा के निजी सहायक विजय शंकर आचार्य, शिक्षाविद रामसिंह सांखला एवं विद्यापीठ के समन्वयक गिरिराज खैरीवाल सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री देवड़ा ने वर्तमान समय में ऐसे आयोजनों को बहुत जरूरी बताते हुए कहा कि निश्चित रूप से इस तरह की कार्यशालाओं से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जागरूकता तो आती ही है, उनकी नैसर्गिक प्रतिभा भी उजागर होती है। विद्यापीठ की प्रधानाध्यापिका भंवरी देवी के अनुसार “प्रवाह” के दौरान 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक रोजाना अनेकानेक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों में सामाजिक – सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रखरता का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रवाह का समापन प्रकृति प्रदर्शनी के साथ 4 नवंबर को होगा।पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के संरक्षण का महत्व उजागर कर उसके प्रति प्रेम जगाने के साथ-साथ उनकी सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रतिभा को निखारना है।








