राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.भगवती प्रसाद सारस्वत का कर्मचारी संघ ने किया स्वागत, कर्मचारी संघो के साथ सकारात्मक समन्वय एवं संवाद को दी जाएगी प्राथमिकता

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सहयोगात्मक कार्यसंस्कृति को मिलेगा बढ़ावा, हर परिवेदना का होगा सुगम निस्तारण : प्रो.भगवती प्रसाद सारस्वत, कुलगुरु

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद सारस्वत का विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कुलगुरु से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नवीन दायित्व के लिए पुष्पगुच्छ के साथ शुभकामनाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश यादव, राजस्थान विश्वविद्यालय स्टाफ क्लब कर्मचारी संघ अध्यक्ष गोविंद सिंह ने व समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने माला पहनाकर प्रो सारस्वत का अभिनंदन किया। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक विकास में कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका का उल्लेख करते हुए कुलगुरु को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय के हित में कर्मचारियों की विभिन्न अपेक्षाओं एवं विषयों से भी कुलगुरु को अवगत कराया। कर्मचारी संघ के विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय की प्रगति एवं प्रतिष्ठा को और ऊंचाई प्रदान करने के लिए कर्मचारी संघ पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपना योगदान देंगे।

कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति में शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास, सकारात्मक संवाद एवं टीम भावना के साथ राजस्थान विश्वविद्यालय को शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशासनिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए सभी वर्गों के साथ समन्वय एवं सकारात्मक संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की गौरवशाली अकादमिक परंपरा को और मजबूत करते हुए शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कर्मचारियों से विविके विकास में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त कि उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय में सकारात्मक संवाद, पारदर्शी और सहयोगात्मक कार्यसंस्कृति को मजबूत करना उनके प्राथमिकता रहेगी।

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