बीकानेर। सिंथल स्थित गुरुकुल बी.एल. मोहता लर्निंग इंस्टीट्यूट ने गांव के सीवरेज के गंदे पानी की निकासी की समस्या के समाधान की मांग की है। संस्था की ओर से जिला कलेक्टर को दिए गए पत्र में बताया गया कि संस्थान में करीब 900 छात्राएं शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, 450 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा लगभग 150 शिक्षक एवं स्टाफ कार्यरत हैं। इसके अलावा करीब 200 छात्रावास एवं आवासीय स्टाफ भी परिसर में रहते हैं।
संस्था के अनुसार सिंथल गांव के सीवरेज का गंदा पानी संस्थान के मुख्य द्वार के बाहर तक पहुंच रहा है। इससे दुर्गंध के साथ मक्खियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों, छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों और आवासीय स्टाफ के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
समस्या का असर आसपास के क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। करीब 30 गांवों के लोगों का नियमित आवागमन इस मार्ग से होता है। सीवरेज के गंदे पानी और जलभराव के कारण ग्रामीणों एवं किसानों को खेतों तक आने-जाने में परेशानी हो रही है तथा सड़क और आसपास के कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हो रहे हैं।
गुरुकुल बी.एल. मोहता लर्निंग इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष बाबूलाल मोहता ने प्रशासन से सीवरेज के पानी की निकासी के लिए उचित एवं स्थायी व्यवस्था कराने तथा संस्थान के मुख्य द्वार और आसपास की सड़क को जलभराव से मुक्त कराने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों, स्टाफ, ग्रामीणों और किसानों को परेशानी से राहत मिल सके।







