घूमर महोत्सव में HPMS स्कूल ने मारी बाज़ी, बेस्ट कॉस्ट्यूम अवॉर्ड जीता; ₹11,000 का नकद पुरस्कार भी हासिल

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

करनी सिंह स्टेडियम, बीकानेर में रंग, संगीत और राजस्थानी लोक-संस्कृति की अद्भुत शाम—छात्रों ने बिखेरी परंपरा और प्रतिभा की अनोखी चमक

बीकानेर, राजस्थान —
थार की सुगंध, राजस्थानी लोकधुनों की गूँज और रंग-बिरंगे परिधानों का मनमोहक दृश्य — बीकानेर के प्रसिद्ध करनी सिंह स्टेडियम में आयोजित घूमर महोत्सव इस बार कुछ खास रहा। सैकड़ों स्कूलों और संस्थानों के बीच, जिनमें राज्य भर से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, HPMS स्कूल ने अपनी शानदार प्रस्तुति और अद्भुत पारंपरिक परिधानों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपनी उत्कृष्ट तैयारी के दम पर स्कूल ने बेस्ट कॉस्ट्यूम अवॉर्ड जीता और इसके साथ ₹11,000 का नकद पुरस्कार भी अपने नाम किया।

यह उपलब्धि सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि छात्रों, शिक्षकों और पूरे विद्यालय समुदाय के लिए गौरव का क्षण है — जिसने मेहनत, रचनात्मकता और सांस्कृतिक समर्पण को एक मंच पर खूबसूरती से पेश किया।


परंपरा, उमंग और लोक-कलाओं का भव्य संगम

घूमर महोत्सव बीकानेर का एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन है, जो हर साल हजारों दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। स्टेडियम में सुबह से ही उत्साह का माहौल था — रंगीन पगड़ियाँ, कांच की चमकती कड़ियाँ, घूँघट से झांकती मुस्कानें और राजस्थानी सौंदर्य की हर झलक मंच पर उतर आई थी।

घूमर नृत्य की घेरघानी, लहराते घाघरे और तालमेल की गूँज पूरे मैदान में फैली हुई थी। हर प्रस्तुति अपनी जगह खास थी, लेकिन HPMS स्कूल की टीम ने जो दृश्यात्मक सामंजस्य और सांस्कृतिक गहराई दिखाई, उसने निर्णायकों का दिल तुरंत जीत लिया।


HPMS स्कूल की प्रस्तुति — परंपरा और कला का अनोखा संगम

HPMS स्कूल के परिधान इस प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण बने। उनके कॉस्ट्यूम पारंपरिक राजस्थानी कला-कौशल के प्रतीक थे —
✔️ चटक रंग
✔️ हाथ की सिलाई
✔️ काँच और गोठन का काम
✔️ पारंपरिक आभूषण
✔️ और मरुभूमि की सांस्कृतिक पहचान

हर कलाकार ऐसा लग रहा था जैसे वे किसी प्राचीन राजस्थानी चित्रकला से बाहर आए हों।

उनकी नृत्य प्रस्तुति में ताल, अनुशासन, अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक आत्मा—चारों का सुंदर मेल दिखा। स्टेज पर आते ही दर्शकों की तालियाँ गूँज उठीं, और निर्णायक भी उनकी कारगर तैयारी और सौंदर्यबोध से प्रभावित हुए।


पुरस्कार की घोषणा के साथ खुशियों की लहर

जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, HPMS स्कूल का समूह उत्साह से झूम उठा। मंच पर जाकर पुरस्कार प्राप्त करने का क्षण छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए अविस्मरणीय रहा।
₹11,000 का नकद पुरस्‍कार इस उपलब्धि को और भी विशेष बना गया।

यह जीत उनके लगातार परिश्रम, कल्पनाशीलता और टीमवर्क का प्रमाण है।


कला, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों का संगम

HPMS स्कूल की यह उपलब्धि दिखाती है कि विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कृति और कला को भी महत्व दे रहा है। जो छात्र मंच पर अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ उतरते हैं, वे न केवल प्रतिभा दिखाते हैं बल्कि अपनी जड़ों को भी सम्मान देते हैं।

यह उपलब्धि आने वाले वर्षों तक छात्रों को प्रोत्साहित करती रहेगी।


संस्कृति और गर्व की रंगीन शाम

करनी सिंह स्टेडियम में आयोजित घूमर महोत्सव का यह संस्करण यादगार बन गया।
HPMS स्कूल ने न केवल मंच पर एक सुंदर प्रस्तुति दी, बल्कि यह भी साबित किया कि यदि मेहनत और जुनून हो, तो कोई भी परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत दिखाई दे सकती है जितनी सदियों पहले थी।

बीकानेर ने एक बार फिर कला, संस्कृति और युवा प्रतिभा का संगम देखा — और HPMS स्कूल इस शाम का सबसे चमकदार सितारा बनकर उभरा।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!