कबीर यात्रा पर कानूनी टकराव : लोकायन संस्थान बनाम मलंग फोक फाउंडेशन:नोटिस जारी: जिला न्यायालय 29 सितंबर को सुनेगा कबीर यात्रा विवाद

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बीकानेर। राजस्थान कबीर यात्रा से जुड़ा विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुँच गया है। जिला न्यायालय बीकानेर में दायर वाद संख्या 203/2025 चन्द्रकुमार पुरोहित बनाम लोकायन संस्थान में माननीय न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना की अदालत ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दिया है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2025 को होगी।

वादपत्र के अनुसार, याचिकाकर्ता चन्द्रकुमार पुरोहित ने आरोप लगाया है कि लोकायन संस्थान की कार्यकारिणी और चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ हुईं। आरोप है कि 1 दिसंबर 2023 को आम सभा की बैठक तथा 24 दिसंबर 2023 को कार्यकारिणी चुनाव में कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग किया गया और नियमों की अनदेखी करते हुए चुनाव कराए गए। इससे संविधान और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है। याचिकाकर्ता ने संस्था की सदस्यता व पदाधिकारी पद से हटाए जाने को भी अवैध करार देने की माँग की है।

वाद में यह भी कहा गया है कि प्रतिवादी संख्या 2 से 9 ने संस्था के कार्यक्रम “राजस्थान कबीर यात्रा” और अन्य गतिविधियों को मलंग फोक फाउंडेशन नामक नई संस्था में स्थानांतरित कर दिया, जबकि इन आयोजनों पर लोकायन संस्थान का अधिकार था। आरोप है कि मलंग फोक फाउंडेशन के जरिए फंडिंग, बैंक खाते और प्रायोजन राशि का प्रबंधन भी किया गया, जिससे लोकायन संस्थान के हितों को नुकसान पहुँचा है।

न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षकारों को 29 सितंबर को अदालत में उपस्थित होकर अपनी दलीलें पेश करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि प्रतिवादी समय पर जवाब दाखिल नहीं करते हैं, तो मामले का निस्तारण एकतरफा किया जाएगा।

गौरतलब है कि लोकायन संस्थान द्वारा वर्ष 2012 से राजस्थान कबीर यात्रा आयोजित की जाती रही है। इस बार 1 से 5 अक्टूबर 2025 तक यह यात्रा प्रस्तावित है, लेकिन विवाद और अदालत में मामला लंबित होने के चलते इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है।

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