खुले में घूमने वाले निराश्रित पशुओं के नियंत्रण एवं आवश्यक कार्रवाई के लिखा पत्र…

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क्षेत्रीय शिकायतों के क्रम में प्राप्त निराश्रित पशुओं से जुड़ी अनेक शिकायतों के संदर्भ में आवश्यक कार्यवाही को लेकर चीफ स्क्रेटरी सुधांशु पत को लिखे पत्र में भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के मानद प्रतिनिधि श्रेयांस बैद ने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों—विशेषकर नेशनल हाइवे,मेगा हाइवे, स्कूल,बाज़ार एवं आवासीय गलियों में—खुले में घूमते निराश्रित पशुओं (जैसे गाय, सांड, कुत्ते) के कारण जन‑संताप एवं सड़क सुरक्षा में गंभीर असुविधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। यह समस्या स्कूल जाने वाले बच्चों, बुज़ुर्गों, दोपहिया वाहन उपयोगकर्ताओं तथा आम राहगीरों के लिए प्रतिकूल एवं खतरनाक हो चुकी है जिससे कई लोग घायल एवं मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं। मार्ग में इन निरीह पशुओं के कारण यातायात बाधित होता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। पशुओं के द्वारा कचरा फैला कर सार्वजनिक स्वच्छता में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ते हैं।पुलिस एवं नगर निगम की वर्तमान व्यवस्था अपर्याप्त प्रतीत होती है, जिससे शांति व सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना कठिन हो जाता है।
बैद ने बताया कि यहां से उल्लेख करना उचित होगा कि राजस्थान सरकार द्वारा एक समन्वित टीम (प्रशासन, पशुपालन विभाग, ग्राम पंचायत ,पालिका,नगर निगम) गठित की जाए, जो इन निराश्रित पशुओं को नियंत्रित कर सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों से उचित आश्रय स्थल,शेल्टर होम (गौशाला या सुरक्षित स्थल) पर टैग लगाकर पहुंचाए जाएं। साथ ही, नागरिकों को जागरूक करने हेतु सूचना‑प्रसार, पशु स्वामीयों के लिए अनुशासनात्मक निर्देश,और सतत निगरानी की व्यवस्था बनाई जाए एवं गौ शाला संचालकों की जिम्मेदारी तय की जाए।

जिससे सरकार के प्रति नागरिकों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी तथा आम जन मानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही विश्व पशु दिवस पर भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करवाए जाने की मांग की है।

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