चौविहार संथारे के साथ सुदीर्घजीवी शासन श्री साध्वी बिदामा श्री का 107 वर्ष की आयु में देवलोकगमन: जीवन जीवंत आदर्शों नूतन दस्तावेजो का जीता जागता सच….

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आचार्य महाश्रमण की सुशिष्या साध्वी उज्जवल रेखा के सिंघाड़े में विराजित सुदीर्घजीवी शासन श्री साध्वी बिदामा श्री का 107 वर्ष की आयु में देवलोकगमन हो गया तेरापंथ धर्म में सबसे अधिक आयु की साध्वी होने का भी गौरव प्राप्त था ।

तैयुप अध्यक्ष किशन तातेड ने बताया कि धर्म संघ में विदुषी एवं विनम्र साध्वी थी धर्म आराधना में गुरु इंगित सेवा से सम्पूर्ण जीवन की अवधि व्यतीत की जैन समाज में इनके देवलोकगमन की खबर से हर शक्श हुआ क्षुब्ध ।

कालू शासन श्री साध्वी बिदामा संघ-संघपति के गुणोत्कीर्तन में मतवाली मीरां का जीवन जीवंत आदर्शों नूतन दस्तावेज जीता जागता सच था ।कालू में विराजित शासन श्री साध्वी बिदामा श्री ने संथारा संलेखना पूर्वक देह त्याग की सुदीर्घजीवी साध्वी बिदामा ने त्याग संयम से आत्मिक उन्नति के मार्ग पर बढ़ती गई उन्होंने ऋजुता सरलता से गुरु इंगित कार्य करते हुए श्रावक श्राविका को भी आत्मिक उत्थान की और प्रेरित किया साध्वी उज्जवल रेखा ने कहा कि शासन श्री साध्वी बिदामा संघ-संघपति के गुणोत्कीर्तन में मतवाली मीरां का जीवन जीवंत आदर्शों नूतन दस्तावेज जीता जागता सच था जीवन मृत्यु निश्चित उन्होंने अपने जीवन में धर्म के शिखर सुमेरु को प्राप्त करने का प्रयास किया उनके आत्मिक उत्थान की मंगल कामना करती हूं धर्म संघ में शतायु होने के साथ उन्हें तीन साध्वी प्रमुखाओं,आचार्य जयाचार्य से आचार्य महाश्रमण से दीक्षित साधु साध्वियों के दर्शन एवं साक्षात्कार का सुयोग मिला था ।उनकी अंतिम यात्रा में देश भर से श्रावक श्राविका दर्शनार्थ पहुंचे एवं कृतज्ञता प्रकट की कालू जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा,युवक परिषद,कन्या मंडल,महिला मंडल उपस्थित रहे।

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