नारायणसिंह भाटी :जीवण अर सिरजण विषयक राष्ट्रीय राजस्थानी संगोष्ठी 06 अगस्त को…

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जोधपुर । जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के राजस्थानी विभाग द्वारा राजस्थानी के ख्यातनाम कवि एवं ऐतिहासिक साहित्यिक शोध सृजनकर्ता डाॅ.नारायणसिंह भाटी की साहित्य-साधना पर ‘ डाॅ. नारायणसिंह भाटी: जीवण अर सिरजण ’ विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय राजस्थानी संगोष्ठी 06 अगस्त, 2025 को न्यू कैम्पस, भाषा प्रकोष्ठ स्थित राजस्थानी सभागार में आयोजित की जायेगी।

राजस्थानी विभागाध्यक्ष एवं संगोष्ठी संयोजक डाॅ. गजेसिंह राजपुरोहित ने बताया कि संगोष्ठी का उद्घाटन समारोह ख्यातनाम कवि-आलोचक एवं साहित्य अकादेमी में राजस्थानी संयोजक प्रोफेसर (डाॅ.) अर्जुनदेव चारण की अध्यक्षता एवं जोधपुर आकाशवाणी के निदेशक श्री रामनिवास चोयल के मुख्यआतिथ्य में सम्पन्न होगा। इस अवसर पर कला संकाय अधिष्ठाता प्रोफेसर (डाॅ.) मंगलाराम बिश्नोई एवं महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केन्द्र, मेहरानगढ़ के सह निदेशक डाॅ. महेन्द्रसिंह तंवर विशिष्ट अतिथि होगे। सहायक आचार्य डाॅ.धनंजया अमरावत एवं डाॅ.मीनाक्षी बोराणा की अध्यक्षता में आयोजित साहित्यिक सत्रों में डाॅ. रेवंतदान भींयाड़, डाॅ. मदनसिंह राठौड़, डाॅ. सद्दीक मोहम्मद, डाॅ. प्रकाशदान नाथूसर, डाॅ. रामरतन लटियाल एवं श्रवणराम भादू कविवर डाॅ.नारायणसिंह भाटी की साहित्य साधना पर आलोचनात्मक शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।

संगोष्ठी का समापन समारोह राजस्थानी के प्रतिष्ठित विद्वान प्रोफेसर (डाॅ.) कल्याणसिंह शेखावत की अध्यक्षता एवं राजस्थानी कवि-कथाकार श्री रामस्वरूप किसान, हनुमानगढ़ के मुख्य आतिथ्य में शाम 05.00 बजे सम्पन्न होगा। इस अवसर पर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के राजस्थानी विभागाध्यक्ष एवं समालोचक डाॅ. सुरेश सालवी संगोष्ठी का समाहार प्रस्तुत करेंगे। संगोष्ठी में डाॅ.इन्द्रदान चारण, डाॅ. जितेन्द्र साठिका, डाॅ. जीवराजसिंह जुडिया, महेन्द्रसिंह छायण एवं गिरधर गोपालसिंह भाटी विभिन्न सत्रों का संयोजन करेंगे। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के शिक्षक, राजस्थानी रचनाकार, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भाग लेगे ।

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