बीकानेर के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति: पहला इंटिग्रेटेड हॉस्पिटल जहाँ एक ही छत के नीचे एलोपैथी , आयुर्वेदिक, प्राकृतिक, योगा की शुरुआत..

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बीकानेर। शहर के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। पिछले 25 वर्षों से बीकानेरवासियों की सेवा में संलग्न चलाना हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ने अब एक नई पहल करते हुए अपने परिसर में 3rd और 4th फ्लोर पर बीकानेर वैलनेस सेंटर के रूप में एलोपैथिक के साथ साथ आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म और शाठकर्म जैसी परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों की शुरुआत की है। अब बीकानेर के लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ प्राचीन भारतीय चिकित्सा विज्ञान का लाभ भी एक ही छत के नीचे मिल सकेगा।
बीकानेर वेलनेस सेंटर के नाम से शुरू की गई यह सेवा चालाना हॉस्पिटल की तीसरी और चौथी मंज़िल पर संचालित की जाएगी जो की अनिल जुनेजा (डायरेक्टर बीकानेर वैलनेस सेंटर) एवं प्रतीक चलाना (डायरेक्टर बीकानेर वैलनेस सेंटर) की बीकानेर को आधुनिक चिकित्सा के साथ साथ आयुर्वेदिक , प्राकर्तिक तरीके जीवन जीने रह दिखाएगी जो शारीरिक शांति के साथ मानसिक शांति भी प्रदान करेगा । इसमें राजस्थान के अनुभवी आयुर्वेदाचार्य, योगाचार्य और प्राकृतिक चिकित्सकों की टीम कार्यरत रहेगी। इन सेवाओं का नेतृत्व डॉ. रमेश कुमार सोनी (रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर आयुर्वेद विभाग बीकानेर), शिव भांभू(बीएएमएस) और डॉ. वत्सला गुप्ता (योगाचार्य एवं प्राक्रतिक चिकित्सक) जैसे विशेषज्ञ करेंगे। इस वेलनेस सेंटर में सिरोथारा, अभ्यंग, शिरोधारा, वमन, विरेचन, बस्ती, रक्तमोक्षण जैसे आयुर्वेदिक उपचारों के साथ-साथ योग, प्राणायाम और ध्यान जैसी दैनिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जो न केवल रोग उपचार में सहायक होंगी, बल्कि शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक शांति के लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगी।

डॉ शाइना नारंग (सीइओ) ने बताया की चलाना हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में डॉ. विजय कुमार चलाना बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. प्रेरणा सोनिया कार्यरत हैं। जनरल मेडिसिन में डॉ. रामचंद्र गोदारा जैसे अनुभवी चिकित्सक हैं। जनरल सर्जरी विभाग में डॉ. संजय जैन, जैसे कुशल सर्जन उपलब्ध हैं। ऑर्थोपेडिक्स विभाग का नेतृत्व डॉ. नरेन गौड़ कर रहे हैं, जबकि ईएनटी में डॉ. शरद रावत और डॉ. बघसिंह अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डेंटल विभाग की जिम्मेदारी डॉ. अमनदीप हुंदल और प्रज्ञा डागा बुच्चा निभा रहे हैं, एनेस्थीसिया विभाग का संचालन डॉ. धनपत डागा कर रहे हैं। फिजियोथेरेपी में हैदर अली और राधिका बडगुजर की देखरेख में रोगियों को उत्तम सेवाएं मिलती हैं। वहीं, पोषण और सौंदर्य चिकित्सा में निशा सेठिया की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि अब बीकानेर के नागरिकों को योग और पंचकर्म जैसी पारंपरिक उपचार पद्धतियों के लिए पातंजलि हरिद्वार या केरल जैसे स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। वे अब ये सभी सेवाएं अपने ही शहर, अपने ही विश्वसनीय अस्पताल — चालाना हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में प्राप्त कर सकते हैं। यह एक ऐसा स्थान बन गया है जहाँ आधुनिक एलोपैथी और आयुर्वेदिक चिकित्सा का समन्वय एक साथ उपलब्ध है।
चालाना हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब सेवा, समर्पण और विशेषज्ञता का संगम होता है, तो चिकित्सा क्षेत्र में चमत्कारिक बदलाव संभव हैं। बीकानेर अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में और भी अधिक समृद्ध हुआ है।

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