एनआरसीसी बीकानेर में स्वच्छता पखवाड़ा 2025 का आयोजन; स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने पर दिया जोर..

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एनआरसीसी बीकानेर में स्वच्छता पखवाड़ा 2025 का आयोजन; स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने पर दिया जोर

बीकानेर।भारत सरकार के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत 16 से 31 दिसंबर 2025 तक मनाए गए स्वच्छता पखवाड़ा के तहत राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी), बीकानेर द्वारा स्वच्छता संबंधी संदेश को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर केन्द्र निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत अभियान के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। सार्वजनिक स्थल, विद्यालय, अस्पताल और पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है, जिससे आमजन की सोच और व्यवहार में भी बदलाव आया है।
डॉ. पूनिया ने कहा कि एनआरसीसी न केवल एक अग्रणी अनुसंधान संस्थान है, बल्कि एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। ऐसे में स्वच्छता अभियानों के प्रति निरंतर जागरूकता के कारण केन्द्र की पर्यटकीय छवि सुदृढ़ हो रही है। प्रतिवर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी, ऊँट पालक, किसान, विद्यार्थी एवं शोधार्थी केन्द्र का भ्रमण करते हैं, जिनके लिए स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण अत्यंत आवश्यक है। संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में संस्थान द्वारा विभिन्न एमओयू किए गए हैं जिसमें गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल यूनिवर्सिटी लुधियाना के साथ किया गया एम ओ यू महत्वपूर्ण है जिसमें विभिन्न शोधों सहित वैज्ञानिकों के आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रन रहेगा।
ऊँट आधारित अनुसंधान संस्थान होने के नाते, केन्द्र द्वारा ऊँटों के रखरखाव एवं प्रबंधन के साथ-साथ पशुपालकों को स्वच्छता और स्वच्छ दूध उत्पादन के प्रति भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अपनाने से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि संभव है। साथ ही उन्होंने ऊँटनी के दूध के औषधीय महत्व, उष्ट्र पोषण, ऊँटों के विविध उपयोग तथा बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में ऊँट संरक्षण एवं विकास की आवश्यकता पर भी बल दिया।
स्वच्छता पखवाड़ा की नोडल अधिकारी डॉ. अरूणा कुनियाल ने पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में मीडिया एवं आमजन की सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस.के. घोरुई, डॉ. वेद प्रकाश, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री अखिल ठुकराल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री नेमीचंद बारासा, मुख्य तकनीकी अधिकारी ने किया।
स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत एनआरसीसी द्वारा किए गए प्रयास यह स्पष्ट करते हैं कि स्वच्छता केवल दायित्व नहीं, बल्कि सतत विकास, जन-स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक सामूहिक संकल्प है।

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