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बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात का कहर, मूंग-मोठ की फसलें चौपट — किसानों की मेहनत पर पानी फिरा*

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बीकानेर।बीकानेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों श्री डूंगरगढ़, लूणकरणसर आदि में बीती रात से जारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बरसात के कारण खेतों में खड़ी फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं। देर रात शुरू हुई बारिश सुबह तक रुक-रुक कर होती रही — कहीं तेज़ तो कहीं धीमी रफ्तार से बरसात ने खेतों में पानी भर दिया।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद पहले से ही चिंतित किसान अब भारी नुकसान की आशंका से घिर गए हैं। खासकर मूंग और मोठ की फसलें, जो अब पक कर कटाई के लिए तैयार थीं, पानी के कारण गलने लगी हैं। खेतों में जगह-जगह पानी भर गया है जिससे कई फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं।
लूणकरणसर तहसील के कपूरीसर, मलकीसर, चक जोड़ लूणकरणसर और रोझा सहित कई इलाकों में रातभर तेज़ बरसात हुई। खेतों में निचले हिस्सों में पानी जमा होने से फसलें झुक गई हैं। किसानों ने बताया कि कई महीनों की मेहनत से तैयार हुई फसलें अब नष्ट होने लगी हैं।
बीते कुछ दिनों से मौसम के बिगड़े मिजाज ने कृषि कार्यों पर सीधा असर डाला है। तेज़ हवाओं और बरसात के चलते खेतों में खड़ी फसलों की कटाई नहीं हो पा रही। कई जगहों पर आधी फसल भी नहीं कटी, ऐसे में लगातार हो रही बरसात से और अधिक नुकसान की संभावना बन गई है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बारिश का पानी खेतों में बहाव के साथ फसलों को बहाकर ले जा रहा है। कई किसान खेतों में बने अस्थायी बांधों को मजबूत करने में जुटे हैं ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। रूणिया बड़ा बास, खाड़ड़ा, दंतौर और रिदमालसर इलाकों में भी दस से पंद्रह अंगुल तक बारिश दर्ज की गई है। लगातार बरसात से किसानों की उम्मीदें और अरमान पानी में बहते दिख रहे हैं।

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