रोटरी रॉयल्स ने एनीमिया जांच व जागरूकता शिविर की शुरुआत की, मेडिकल इमरजेंसी बैंक में जुड़े नए संसाधन..

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सीएमएचओ साध ने कहा 12 से नीचे नहीं जाना चाहिए हीमोग्लोबिन, रोटरी रॉयल्स का सेवा अभियान आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल

बीकानेर। बालिकाओं में एनीमिया की समस्या को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से रोटरी क्लब बीकानेर रॉयल्स द्वारा सोमवार को राउमावि पवनपुरी दक्षिण विस्तार, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय हाउसिंग बोर्ड बीकानेर में “एनीमिया प्रीवेंशन एंड अवेयरनेस कैंप” का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह शिविर पूरे वर्षभर शहर की विभिन्न बालिकाओं तक पहुंचेगा। शुभारंभ शिविर में 100 बालिकाओं की रक्त जांच की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने इस सेवा अभियान का उद्घाटन करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का हीमोग्लोबिन स्तर 12 से नीचे नहीं जाना चाहिए। यदि यह स्तर 10 से नीचे पहुंच जाए तो यह शरीर के लिए गंभीर चेतावनी है, विशेषकर बालिकाओं के लिए, जिनके शरीर में हार्मोनल परिवर्तनों के दौरान रक्त की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती है।

शिविर संयोजक मनीष चमड़िया और विनोद माली ने बताया कि विद्यालय की दोनों पारियों की बालिकाओं की जांच की गई और उनके हीमोग्लोबिन स्तर की जानकारी दी गई। यह रिपोर्ट विद्यालय की प्रधानाचार्य रचना गुप्ता व शिक्षक रवि आचार्य को सौंपी गई ताकि अभिभावकों तक सटीक जानकारी पहुंचे।

प्रांत प्रकल्प निदेशक डॉ. संदीप खरे ने बालिकाओं को एनीमिया की पहचान, कारण और बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पोषणयुक्त और घर का बना भोजन अपनाकर तथा जंक फूड से दूरी बनाकर एनीमिया से बचा जा सकता है। शिविर में जिन बालिकाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 6 से 10 के बीच पाया गया, उन्हें डॉ. सी एस मोदी ने व्यक्तिगत परामर्श देते हुए विशेष आहार और स्वास्थ्य सुझाव प्रदान किए।

इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. साध ने रोटरी रॉयल्स के सेवा कार्यों को ‘समाज प्रेम की सच्ची मिसाल’ बताते हुए सराहा और कहा कि यह क्लब अच्छे और संवेदनशील नागरिकों का संगठन है, जो निःस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार की निःशुल्क रक्त जांच और उपचार योजनाओं की भी जानकारी दी।

क्लब अध्यक्ष सुनील चमड़िया ने बताया कि यह प्रकल्प रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3053 के पेन प्रोजेक्ट “मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ” के तहत संचालित है। इस अभियान के माध्यम से बालिकाओं के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी और सुधार का प्रयास किया जाएगा। शिविर के दौरान क्लब द्वारा संचालित ‘रोटरी इमरजेंसी बैंक’ में 3 फोल्डिंग बंक बेड, 2 व्हीलचेयर, 2 वॉकर और 3 नेबुलाइज़र मशीनें जोड़ी गईं, जिससे शहर में मेडिकल इमरजेंसी के समय अधिक बेहतर सहायता दी जा सके।

शिविर में क्लब कोषाध्यक्ष जगदीप सिंह ओबेरॉय, डॉ. संदीप खरे, मनीष चमड़िया, विनोद माली, हरजीत सिंह, सीएस नितेश रंगा, देवेंद्र सिंह तंवर, सीए दीपक व्यास, ऋषभ जैन, डॉ. सी एस मोदी सहित क्लब के अनेक सक्रिय रोटेरियन सदस्य मौजूद रहे। शिविर समापन पर चिकित्सा अधिकारी को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार प्रकट किया गया। बालिकाओं ने पूरे आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई सवाल पूछकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता प्रदर्शित की। क्लब अध्यक्ष सुनील चमड़िया ने आश्वस्त किया कि यह सेवा अभियान वर्षभर स्कूल-दर-स्कूल पहुंचकर शहर की बालिकाओं को लाभान्वित करता रहेगा।

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