
फ़ज़ीलपुर, 26 जुलाई 2025 — सहज़शक्ति फाउंडेशन द्वारा फ़ज़ीलपुर गाँव के कम्यूनिटी सेंटर में तीज़ महोत्सव हर्षोल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन न केवल एक पारंपरिक पर्व का उत्सव था, बल्कि समाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ भी था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद श्री विक्रमजीत सिंह (वार्ड 16) और विशेष अतिथि के रूप में भाजपा बादशाहपुर मंडल अध्यक्ष श्री धनेश यादव, श्रीमती देविका शील और डॉ. विश्वनाथ सिंह उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आईपीसीए कंपनी से श्री राम सक्सेना की उपस्थिति में, सहज़शक्ति फाउंडेशन और आईपीसीए के संयुक्त प्रयास से फ़ज़ीलपुर कम्यूनिटी सेंटर में प्लास्टिक कलेक्शन बिन स्थापित की गई। इसका उद्देश्य गाँव को प्लास्टिक मुक्त बनाना और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ाना है। इस बिन का उद्घाटन पार्षद श्री विक्रमजीत सिंह और मंडल अध्यक्ष श्री धनेश यादव द्वारा किया गया।
महिलाओं और बच्चों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक तीज़ के रंग भी भरपूर दिखाई दिए। महिलाओं को मेंहदी, चूड़ियाँ और अन्य सुहाग की सामग्री उपहार में दी गईं और सभी ने मिलकर तीज का पर्व मनाया। कार्यक्रम में हॉट लॉजवाब कैटरर की फाउंडर बबता राजीव द्वारा स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने सराहना की।
फाउंडेशन की संस्थापिका श्रीमती मीनाक्षी रंजन ने बताया कि संस्था द्वारा संचालित सिलाई स्कूल की पिछली बैच की छात्राओं को डिप्लोमा प्रदान किए गए। साथ ही, अब संस्था द्वारा निःशुल्क कंप्यूटर क्लासेज़ की शुरुआत की जा रही है, जिससे ग्रामीण युवा डिजिटल शिक्षा से जुड़ सकें।
इसके अतिरिक्त, डॉ. जितेंद्र जी के सौजन्य से गाँव के लिए फिजियोथैरेपी सेवाओं की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है, जिससे गाँववासियों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में सहज़शक्ति फाउंडेशन से अनिल मल्होत्रा, कविता मुँजाल, लिनेशा रंजन, नीलम, और डॉ. जितेंद्र उपस्थित रहे। वहीं, जीबीटी संस्था से श्वेता रायजदा और हिमांशी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कार्यक्रम में सहयोग दिया
सहज़शक्ति फाउंडेशन द्वारा कम्यूनिटी सेंटर में “शिक्षा अभियान” के तहत बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाने की भी योजना शुरू हो गई है, जो शिक्षा और जागरूकता फैलाने की दिशा में एक अहम कदम है।
यह आयोजन एक आदर्श उदाहरण रहा कि कैसे एक पारंपरिक पर्व को सामाजिक विकास, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा सकता है।












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