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शाकद्वीपीय सार्वभौम पंचांग का हुआ विमोचन

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पंचांग सनातन संस्कृति के आधार इनसे जीवन सरल सहज – कामिनी विमल भोजक मैया
शाकद्वीपीय पंचांग अपनी विशेषताओं और गणनाओं के आधार पर विश्वशनीय – गणेशदास
बंगाल की धरती पर शास्त्रार्थ से तैयार होता है पंचांग – आर के शर्मा

बीकानेर 6 मार्च – सार्वभौम शाकद्वीपीय कल्याण समिति द्वारा मुख्य पंडित श्री विमल कुमार मिश्र के निर्देशन ने निर्मित नव विक्रम संवत 2083 अंग्रेजी वर्ष 2026 -27 के सार्वभौम भास्कर पंचांग का विमोचन आज बीकानेर में राजस्थान प्रांतीय शाकद्वीपीय महासभा कार्यालय में हुआ

पंचांग का विमोचन करते हुए समाजसेवी कल्याण फाउंडेशन की निदेशक कामिनी विमल भोजक “मैया” ने कहा कि सनातन संस्कृति का आधार होते है पंचांग इनसे हमारे जीवन के समस्त उतार चढ़ाव और त्यौहार को विशिष्ट समय में पूजन करने का मार्गदर्शन देता है हम गौरांवित है कि शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज अपनी परम्परा और विधा का बखूबी निर्वहन कर रहा है

राजस्थान प्रांतीय शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासभा के प्रांतीय अध्यक्ष गणेशदास सेवग ने कहा कि शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज द्वारा निर्मित पंचांग अपनी गणनाओं के कारण विश्वशनीय है इसमें सुझाए गए मुहूर्त और व्रत विधान की गणना सटीक है

शाकद्वीपीय ब्राह्मण बंधु ट्रस्ट अध्यक्ष आर के शर्मा ने कहा कि बंगाल की धरती पर शाकद्वीपीय पंडितों और पंचांग निर्माताओं द्वारा शास्त्रार्थ करके पंचांग का निर्माण किया जाता है जिसमें आज के समय अनुसार व्रत मुहूर्त का समावेश किया जाता है

वरिष्ठ समाजसेवी दुर्गादत भोजक ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमे अपनी विद्या और कौशल का बखूबी निर्वहन करना चाहिए

कार्यक्रम का संचालन महासभा महासचिव राजेश शर्मा ने किया

इस अवसर पर नितिन वत्सस, जितेंद्र भोजक,अरुण शर्मा, सुधीर शर्मा, हरीश, असीम सहित समाज के गणमान्य जन उपस्थित थे

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