GENERAL NEWS

द पुष्करणा फाउंडेशन ने लगाया निःशुल्क नेत्र चिकित्सा एवं शिशु रोग परामर्श शिविर :235 मरीजों के स्वास्थ्य की हुई निःशुल्क जांच

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

द पुष्करणा फाउंडेशन ने लगाया निःशुल्क नेत्र चिकित्सा एवं शिशु रोग परामर्श शिविर
235 मरीजों के स्वास्थ्य की हुई निःशुल्क जांच

बीकानेर, 18 जून। द पुष्करणा फाउंडेशन द्वारा बुधवार को निःशुल्क नेत्र चिकित्सा एवं शिशु रोग परामर्श शिविर का आयोजन बारह गुवाड़ स्थित पूना महाराज की कोटड़ी में किया गया।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक गोपीकिशन छंगाणी ने बताया कि शिविर में कुल 235 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई ।

शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नदीम खान तथा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. खुर्शीद खान ने अपनी सेवाएं दी।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरिशंकर आचार्य ने कहा कि चिकित्सक भगवान का रूप होते हैं। कोरोना के कठिन दौर में दुनिया ने चिकित्सकों की अहमियत समझी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे शिविर लगाए जाने चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।

द पुष्करणा फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश रंगा ने कहा कि संस्थान द्वारा सतत रूप से सामाजिक सरोकार के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करना बीकानेर की परंपरा का हिस्सा है। युवा पीढ़ी इस सिद्धांत का अनुसरण कर रही है। यह अच्छे संकेत हैं।

समाजसेवी पूनम चंद व्यास (पूना महाराज) ने कहा कि परहित से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। दूसरों का दुःख-दर्द समझना ही मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि शहरी परकोटे में ऐसे शिविर लगने से दिव्यांग, वरिष्ठजनों और बच्चों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।

इससे पहले कृष्ण चंद्र पुरोहित ने शिविर के उद्देश्य और शिविर में दी जाने वाली सेवाओं के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन मरुधर बोहरा ने किया।

इस दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञ सोनू चौधरी, आसिफ खान, हर्ष यादव, खुशबू चौहान, हेमलता टाक, इस्माइल खान,अंजुमन अब्बासी, तरन्नुम सिद्दीकी, नितिन भारद्वाज, नेमीचंद कड़वासरा, गुड्डू उपाध्याय, सानिया कोहरी,सिमरन खान, बाबू सिंह परिहार, इमरान खान, कालूराम आदि ने सेवाएं दी।

कार्यक्रम में नन्द किशोर रंगा, लक्ष्मण दत्त ओझा, नागू भा पुरोहित, गौरी शंकर व्यास, राम अवतार , लक्ष्मी नारायण, गोपी किशन छंगाणी, मोहित पुरोहित, हरि नारायण आचार्य, दुर्गा दास छंगाणी आदि की भागीदारी रही।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
error: Content is protected !!