
बीकानेर। राम नवमी के पावन अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के निर्देशन में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण कार्य को नई गति प्रदान की गई है। मिशन के निदेशक श्री इंद्रजीत सिंह जी के मार्गदर्शन में यह कार्य देशभर में सुनियोजित रूप से आगे बढ़ रहा है।
इसी क्रम में मिशन के क्लस्टर सेंटर विश्वगुरुदीप आश्रम शोध संस्थान, जयपुर द्वारा अपने पार्टनर सेंटर श्री अगरचंद भैरोंदान सेठिया, जैन परमार्थिक संस्था, बीकानेर में डिजिटल लैब स्थापित कर पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।श्री अगरचंद भैरोंदान सेठिया, जैन परमार्थिक संस्था, बीकानेर के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जी सेठिया ने इस पहल को भारतीय संस्कृति के संरक्षण का सशक्त माध्यम बताया। इस पहल के माध्यम से दुर्लभ एवं प्राचीन ग्रंथों को सुरक्षित कर उन्हें डिजिटल स्वरूप में संरक्षित किया जा रहा है क्लस्टर सेंटर विश्वगुरुदीप आश्रम शोध संस्थान, जयपुर के निदेशक महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी ने बताया कि 15 पांडुलिपि विशेषज्ञों की टीम गठित कर मेगा सर्वे करवाया जा रहा है, इस सर्वे में विभिन्न सम्प्रदायों, मठों, मंदिरों, संस्थानों एवं निजी संग्रहों में संरक्षित पांडुलिपियों का व्यापक दस्तावेजीकरण किया गया। सर्वे के अंतर्गत दौरान स्थानीय लोगों का सराहनीय सहयोग ज्ञान भारतम् मिशन को प्राप्त हुआ, साथ ही अन्य राज्यों में संरक्षित पांडुलिपियों संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी प्राप्त हुई हैं, जो भविष्य में इस अभियान को और व्यापक बनाएंगी।












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