एनआरसीसी में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर की ओर से भारत सरकार द्वारा संचालित ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत आज दिनांक 03 जून, 2026 को केन्द्र परिसर में किसानों हेतु एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीकानेर के निकटवर्ती गांवों यथा-गाढ़वाला, कोटड़ी, केसरदेसर, मोरखाना आदि के लगभग 30 किसानों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर केन्द्र के निदेशक महोदय ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार का ‘खेत बचाओ अभियान’ किसानों की आय में वृद्धि, खेती की लागत में कमी तथा भूमि की उत्पादकता को दीर्घकाल तक बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य परीक्षण को अपनाने, संतुलित उर्वरकों के उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों के समुचित प्रयोग तथा जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही समृद्ध खेती और आत्मनिर्भर किसान की आधारशिला है।
इस अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. बी. श्रीशैलम ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना तथा रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देना है। उन्होंने किसानों को फसल चक्र अपनाने, हरी खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम समन्वयकों में डॉ. धवलकांत ने किसानों को मृदा परीक्षण, पोषक तत्व प्रबंधन एवं जल संरक्षण की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी। वहीं डॉ. निनाद भट्ट ने किसानों को केन्द्र एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों के उपयोग तथा नकली उर्वरकों एवं कीटनाशकों से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी एवं समयानुकूल बताते हुए कहा कि इससे उन्हें वैज्ञानिक खेती, मृदा संरक्षण तथा कृषि लागत में कमी लाने संबंधी व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई, जो भविष्य में उनकी खेती को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

Categories:
error: Content is protected !!