राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे की अध्यक्षता में आयोजित होगा डॉ.भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह

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जयपुर, 23 मई, माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे की अध्यक्षता में दिनांक 27 मई को डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, जयपुर राजस्थान इन्टरनेशनल सेंटर जयपुर में प्रात: 11 बजे अपना तृतीय दीक्षांत समारोह आयोजित करने जा रहा है। सलाहकार जनसम्पर्क विक्रम राठौड़ ने बताया कि दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में श्री अर्जुन राम मेघवाल, माननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री विधि एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार) एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में डॉ. प्रेम चंद बैरवा माननीय उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के स्नातक, स्नातकोत्तर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उनकी शैक्षिक उपलब्धियों के लिए माननीय राज्यपाल द्वारा उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। तृतीय दीक्षांत समारोह में डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के प्रबन्ध मण्डल एवं विद्या परिषद के सदस्यगण, राजस्थान राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के कुलगुरु गण, लोकभवन के अधिकारीगण, विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता/ विभागाध्यक्ष/कुलसचिव, विभिन्न सम्बद्ध महाविद्यालयों के चेयरमैन/निदेशक/प्राचार्य, विश्वविद्यालय समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण, संकाय सदस्य, विभिन्न शिक्षाविद, विद्यार्थी व उनके अभिभावकगण, प्रशासनिक अधिकारीगण, गणमान्य नागरिक, मीडिया के प्रतिनिधिगण एवं आमंत्रित विशिष्ठ अतिथिगण भी शिरकत करेंगे।

परीक्षा नियंत्रक डॉ नीरज जैन ने बताया कि तृतीय दीक्षांत समारोह के दौरान 9 स्वर्ण पदक, 16748 छात्र एवं 8510 छात्राओं सहित कुल 25258 विद्यार्थियों को डिग्रियों का वितरण किया जाएगा। इसी दिन राज्यपाल द्वारा द्वारा दीक्षांत समारोह के दौरान ही डिजीलॉकर पर सभी 25258 डिग्रियां अपलोड करने का शुभारम्भ भी किया जाएगा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय ना केवल राज्य का प्रथम विश्वविद्यालय है अपितु सम्पूर्ण भारतवर्ष के चुनिंदा श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की अग्रिम पंक्ति में शामिल हो गया है, जिसकी डिग्रियां अत्याधुनिक हाईटेक फीचर्स से लैस उपाधियाँ पूर्ण गोपनीयता के साथ ब्लॉक चैन तकनीक के माध्यम से सुरक्षित व संधारित है। तृतीय दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान की जाने वाली उपाधि के मुद्रण हेतु उपयोग में लाया जा रहा कागज 100 वर्ष तक यथावत / सुरक्षित रहेगा। यह ना तो गलेगा, ना ही इसे फाड़ा जा सकेगा। यह कागज नमीं प्रूफ व रासायनिक प्रतिरोध सुरक्षित है। उपाधि मुद्रण हेतु प्रयोग में ली जा रही स्याही मिटायी नहीं जा सकती है। यह उपाधि अंतरराष्ट्रीय स्तर 24 गोपनीय सुरक्षा मानकों से सुसज्जित है। उपाधि जारी करते ही छात्रों की उपाधियाँ उसी दिन डिजीलॉकर पर अपलोड कर दी जावेगी। एआई एवं डिजीटल दौर के वर्तमान युग में छात्रों की उपाधि में किसी भी प्रकार व किसी भी स्तर पर हेरफेर की आशंका को जड़मूल से समाप्त करते हुए उपाधि को विश्व की नवीनतम व बेहद सुरक्षित तकनीक ‘ब्लॉक चैन तकनीक’ के माध्यम से पूर्ण रूप से सुरक्षित किया गया है। उपाधि जारी होने के पश्चात् छात्रों के उपाधि डाटा में किसी भी प्रकार के फेरबदल को असम्भव है। छात्रों की डिग्री का सत्यापन नियोक्ता, अकादमिक संस्थान व छात्र स्वयं पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन उपरांत सिर्फ एक क्लिक में सत्यापन कर सकेंगें। विवि द्वारा यथासमय परीक्षाओं के आयोजन एवं परिणामों की घोषणा कर विशिष्ट साख बनाई गयी है।

कुलगुरु प्रो. (डॉ.) निष्ठा जसवाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर साहब के न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों से प्रेरित यह विधि विश्वविद्यालय सम्पूर्ण राजस्थान प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं व्यावहारिक विधि शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समर्पित है। विश्वविद्यालय का प्रमुख लक्ष्य ऐसे कुशल, संवेदनशील और उत्तरदायी विधि-विशेषज्ञ तैयार करना है, जो न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में विधि के शासन (रुल ऑफ़ लॉ) को सशक्त बना सकें। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय का उद्देश्य एक ऐसे न्यायपूर्ण, समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देना है, जहां विधि का शासन सर्वोपरि हो और प्रत्येक नागरिक को न्याय सुलभ हो सके। यह विवि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विधि पाठ्यक्रम, अनुभवी संकाय और आधुनिक संसाधनों के माध्यम से विधि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता स्थापित करने के लक्ष्य को लेकर दृढ संकल्पित है। हम हमारे सभी हितधारकों के आभारी है जिन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय मानचित्र पर वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं।

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