विश्व दुग्ध दिवस का हुआ आयोजन

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बीकानेर 01 जून। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के संघटक डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, बीकानेर द्वारा “महिला किसानों का अभिनंदन” थीम पर विश्व दुग्ध दिवस-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों एवं ग्रामीण महिला दुग्ध उत्पादकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण महिला दुग्ध उत्पादकों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत के दुग्ध उत्पादन की वास्तविक शक्ति गांवों की महिलाएं हैं, जो प्रतिदिन पशुओं की देखभाल के साथ-साथ दुग्ध दोहन संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने दुग्ध दोहन एवं दुग्ध उत्पादन के कार्य को गौरवमय व्यवसाय के रूप में प्रतिपादित करने हेतु सुझाव दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. ए.के. पुनिया, निदेशक, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र, बीकानेर ने अपने उद्बोधन में दुग्ध उत्पादन श्रृंखला का वर्णन करते हुए बताया कि उपभोक्ता तक पहुँचने वाले प्रत्येक दूध के पैकेट के पीछे हजारों दुग्ध उत्पादकों, तकनीकी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों एवं डेयरी कर्मियों का समर्पण निहित होता है। डॉ. पुनिया ने कहा कि महिलाओं के अथक परिश्रम और समर्पण के कारण ही देश विश्व के अग्रणी दुग्ध उत्पादक देशों में शामिल है। विशिष्ट अतिथि बाबूलाल बिश्नोई, प्रबंध निदेशक, उरमूल डेयरी, बीकानेर ने डेयरी सहकारिता आंदोलन की उपलब्धियों तथा दुग्ध उत्पादकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं सम्मानित अतिथि ओम प्रकाश भांभू, प्लांट मैनेजर, उरमूल डेयरी ने गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। स्वागत उद्बोधन देते हुए डेयरी महाविद्यालय, बीकानेर के अधिष्ठाता प्रो. राहुल सिंह पाल ने दुग्ध के पोषण तत्वों तथा राज्य एवं देश में दुग्ध उत्पादन की वस्तु स्थिति पर प्रकाश डाला। अधिष्ठाता वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर प्रो. बी.एन. श्रृंगी ने अपने विचार प्रकट करते हुए दूध एवं दूध से जुड़े उत्पादों में शुद्धता एवं मिलावट रहित दुग्ध उत्पादन पर बल दिया।  कार्यक्रम के अंत में डॉ. रीटा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनिया मोर द्वारा किया गया। इस अवसर पर दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला दुग्ध उत्पादकों राजेश्वरी एवं कौशल्या को भी अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। विश्व दुग्ध दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों में दुग्ध एवं डेयरी क्षेत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी तथा पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मोहित कुमरावत तथा द्वितीय पुरस्कार अमित सिंह तंवर को प्रदान किया गया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार दिव्या सोनी द्वितीय पुरस्कार, मोहित कुमरावत तथा तृतीय पुरस्कार शिवांशी को प्रदान किया गया। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार नरेंद्र एवं सुरेंद्र तथा द्वितीय पुरस्कार नारायण माली को प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं डेयरी उद्योग से जुड़े गणमान्य उपस्थित रहे।

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