‘जरा सामने तो आओ छलिए’ कार्यक्रम में पंडित भरत व्यास व बी.एम. व्यास को दी स्वरांजलि

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बीकानेर, 4 जुलाई। अमन कला केंद्र द्वारा शनिवार को महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम, होटल लालजी के सामने, प्रसिद्ध गीतकार पंडित भरत व्यास की 44वीं पुण्यतिथि एवं चरित्र अभिनेता बी.एम. व्यास की स्मृति में ‘जरा सामने तो आओ छलिए’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

केंद्र अध्यक्ष एम. रफीक कादरी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एन.डी. रंगा (अध्यक्ष, सखा संगम) थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता यामिनी जोशी (पुत्री, बी.एम. व्यास) एवं डॉ. श्याम अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी, डॉ. हिमांशु दाधीच, सैयद अख्तर अली, डॉ. अजय जोशी, चेतन प्रकाश सोनी, लिम्का अवार्ड विजेता एल.के. गोस्वामी, मास्टर अमीर तथा एम.आर. कुकरेजा शामिल रहे।

कार्यक्रम में कलाकारों ने पंडित भरत व्यास द्वारा रचित गीतों एवं बी.एम. व्यास की फिल्मों के लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। एम. रफीक कादरी ने ‘आ लौट के आजा मेरे मीत’, ‘जरा सामने तो आओ छलिए’, ‘आधा है चंद्रमा रात आधी’ तथा ‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम’ प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

इसके अलावा अहमद हारून कादरी ने ‘यूं तो हमने लाख हसीं देखे हैं, तुमसा नहीं देखा’, डॉ. नरेश पोपली ने ‘मैं गलियों का राजा, तू महलों की रानी’, प्रदीप खत्री ने ‘छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए’, दीपक खत्री ने ‘सारंगा तेरी याद में’, डॉ. हिमांशु दाधीच ने ‘ज्योत से ज्योत जगाते चलो’ तथा एम.आर. कुकरेजा ने ‘हाँ दीवाना हूँ मैं, ग़म का मारा हुआ’ गीत प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में सिराजुद्दीन खोखर, जावेद मिर्जा, राकेश सारस्वत, विवेकानंद आर्य, डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी एवं एल.के. गोस्वामी ने भी पंडित भरत व्यास के लिखे गीतों तथा बी.एम. व्यास की फिल्मों के गीत प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम का संचालन एम. रफीक कादरी ने किया। उपस्थित श्रोताओं ने सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए पंडित भरत व्यास और बी.एम. व्यास के हिंदी सिनेमा में योगदान को याद किया।

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