डॉ.भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी सुपरवाइज़र के आवेदन आमंत्रित

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

विधि शिक्षा में उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण शोध संस्कृति के साथ, अम्बेडकर विवि शोधोन्मुख शिक्षकों को प्रदान कर रहा है स्वर्णिम अवसर : प्रो निष्ठा जसवाल, कुलगुरु

जयपुर, 03 जुलाई, डॉ.भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय जयपुर द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 2022 के तहत पीएचडी रिसर्च सुपरवाइज़र के आवेदन आमंत्रित किए गए है। जनसम्पर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कुलसचिव श्री वीरेंद्र वर्मा (आरएएस) द्वारा एक आदेश जारी कर अम्बेडकर विवि से संबद्ध समस्त विधि महाविद्यालयों के प्राचार्यो के माध्यम से अंतिम दिनांक 24 जुलाई 2026 से पूर्व पीएचडी रिसर्च सुपरवाइज़र के आवेदन आमंत्रित किए गए है। विवि द्वारा निर्देशित किया गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रिया) अधिनियम 2022 में निहित प्रावधानों के अनुरूप अम्बेडकर विवि से संबद्ध समस्त विधि महाविद्यालयों में कार्यरत योग्य संकाय सदस्यों का एक पैनल तैयार किया जाना है, तदनुसार पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकता है। आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं पात्रता संबंधी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

कुलगुरु प्रो निष्ठा जसवाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय ने शोध की गुणवत्ता को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों से पीएचडी सुपरवाइज़र के रूप में आवेदन आमंत्रित किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि अनुभवी एवं शोधोन्मुख शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से शोध कार्यों को नई दिशा और गुणवत्ता मिलेगी। विश्वविद्यालय का लक्ष्य उत्कृष्ट शोध संस्कृति का विकास करना है। पीएचडी सुपरवाइजर के रूप में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की भागीदारी से शोधार्थियों को उच्च स्तर का शैक्षणिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा तथा गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहन मिलेगा। विश्वविद्यालय शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Categories:
error: Content is protected !!