गुरु पूर्णिमा : बच्चों ने बुजुर्गों के साथ मनाया स्नेह व सम्मान का पर्व दिवस..

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बुजुर्ग हमारे अनुभव, संस्कार और संस्कृति के जीवंत स्रोत -डॉ. गुप्ता |

बीकानेर।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आरएलजी संस्थान के बच्चों द्वारा एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। बच्चों ने शहर के अपना थिएटर संस्थान द्वारा संचालित वृद्धाश्रम मे जाकर कर वहां रह रहे वरिष्ठ जनों का माल्यार्पण कर सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया ।
संस्थान अध्यक्ष डॉ. अर्पिता गुप्ता ने बताया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सेवा भावना और भारतीय संस्कृति के संस्कारों को विकसित करना था।बुजुर्ग हमारे अनुभव, संस्कार और संस्कृति के जीवंत स्रोत हैं। उनका सम्मान करना और उनके अनुभवों से सीख लेना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
उपाध्यक्ष प्रिया भार्गव ने बच्चों को सदैव अपने माता-पिता, गुरु एवं बुजुर्गों का आदर करने तथा उनके आशीर्वाद को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी मानने का संदेश दिया।
इस अवसर पर मैत्रिका,ध्रुवी, हर्षिल, तनय, वान्या, दिव्यांशी,आरफा आदि बच्चों ने सुंदर भजन, गीत और कविताएं सुनाकर वहां का माहौल बेहद खुशनुमा और भावुक कर दिया।वही बुजुर्गों ने बच्चों को अपने जीवन के अनुभव सुनाए और उन्हें ईमानदारी व मेहनत के रास्ते पर चलने की सीख दी।
कांता मोदी, स्नेहा शर्मा ने कहा कि समाज में सेवा, सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए संस्थान द्वारा ऐसे कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
इस अवसर पर आरएलजी संस्थान द्वारा वरिष्ठ जनों के लिए राशन एवं दैनिक कार्यों मे उपयोग की आवश्यक सामग्री का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मैनेजर श्री विक्रम सिंह ने सभी संस्थान पदाधिकारियों व बच्चों का आभार व्यक्त किया | गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन सेवा, संस्कार और सम्मान का प्रेरणादायक संदेश देकर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने मे वंशीलाल, हुसनप्रीत, विनोद यादव,रीमा देवनाथ, रूमा का सहयोग रहा | के साथ मनाया स्नेह व सम्मान का पर्व दिवस ।

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