कुलगुरु प्रो.अखिल रंजन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित हुआ राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान का 42वां स्थापना दिवस समारोह

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स्वास्थ्य सेवाएं हो सुलभ और जन-केंद्रित,अंतिम छोर तक बैठा व्यक्ति हो लाभान्वित : प्रो अखिल रंजन गर्ग, कुलगुरु

जोधपुर , 27 जून। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान(एनआईएचआर), जोधपुर के 42वें स्थापना दिवस “प्रगति-2026” के अवसर पर आयोजित वैज्ञानिक सत्र में “मेडिकल टेक्नोलॉजी इनोवेशन में सहयोग के अवसर” विषय पर राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ पैनल चर्चा आयोजित की गई। जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ नें बताया कि इस सत्र की अध्यक्षता बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अखिल रंजन गर्ग तथा मैसाचुसेट्स (अमेरिका) में ग्लोबल अफेयर्स के निदेशक डॉ.अनिल पुरोहित ने की। पैनल चर्चा में बीटीयू के डीन इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट रिलेशन डॉ. गणेश पी.प्रजापत एवं एसोसिएट डीन डॉ. रितुराज सोनी ने विशेषज्ञ पैनलिस्ट के रूप में मेडिकल टेक्नोलॉजी के विभिन्न आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि स्वास्थ्य अनुसंधान समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नई चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय शोध की गुणवत्ता बढ़ाने तथा युवा शोधार्थियों के लिए आने वाला दशक मेडिकल टेक्नोलॉजी और हेल्थ इनोवेशन का दशक होगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के लिए स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, उद्योग तथा चिकित्सा क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

डीन डॉ. गणेश पी. प्रजापत ने अपने विचार रखते हुए “ग्रीन क्लिनिक” की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता तथा सतत विकास आधारित स्वास्थ्य अवसंरचना को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। डीन डॉ. रितुराज सोनी ने मेडिकल रिसर्च को “लैब टू मार्केट” तक पहुँचाने की चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में विकसित स्वास्थ्य अनुसंधान को समाज तक पहुँचाने के लिए उद्योग, स्टार्टअप, नियामकीय संस्थाओं तथा शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

कार्यक्रम में मेडिकल टेक्नोलॉजी इनोवेशन, स्वास्थ्य अनुसंधान एवं सहयोग की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान, जोधपुर के 42वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस सत्र में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की सक्रिय एवं प्रभावशाली भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

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