अभय जैन ग्रन्थालय में ज्ञान भारतम् मिशन का जागरूकता कार्यक्रम एवं शैक्षणिक भ्रमण आयोजित

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बीकानेर। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत अभय जैन ग्रन्थालय, बीकानेर में राजकीय बालिका महाविद्यालय, नापासर की छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं का यह दल महाविद्यालय के इतिहास विभाग की व्याख्याता डॉ. उमा दुबे के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर ग्रन्थालय आया ।

कार्यक्रम के दौरान अभय जैन ग्रन्थालय के निदेशक ऋषभ नाहटा ने छात्राओं को ग्रन्थालय के इतिहास, इसकी समृद्ध संग्रह परंपरा तथा यहाँ संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रन्थालय में संरक्षित प्राचीन ग्रन्थों एवं पांडुलिपियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार इन ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में छात्राओं को ज्ञान भारतम् मिशन के पाँच प्रमुख स्तंभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सर्वेक्षण ,कैटलॉगिंग, संरक्षण, डिजिटलीकरण तथा प्रकाशन शामिल हैं।

छात्राओं को समझाया गया कि किस प्रकार पांडुलिपियों का ज्ञान भारतम् मिशन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सर्वेक्षण कर उनका विवरण एवं मेटाडाटा तैयार किया जाता है, प्राचीन लिपियों को पढ़कर उनकी विषयवस्तु समझी जाती है तथा वैज्ञानिक विधियों से उनका संरक्षण, सुरक्षित पैकिंग एवं भंडारण किया जाता है। साथ ही, आधुनिक तकनीक के माध्यम से डिजिटलीकरण, विभिन्न भाषाओं में अनुवाद और अनुसंधान एवं प्रकाशन के जरिए इस ज्ञान-संपदा को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी बताई गई प्राचीन लिपियों को पढ़ने तथा संरक्षण की तकनीकों से संबंधित छात्रों ने अपनी जिज्ञासा भी रखी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया ।

छात्राओं ने पूरे उत्साह एवं प्रसन्नता के साथ ग्रन्थालय का भ्रमण किया और भारतीय ज्ञान परंपरा तथा पांडुलिपि संरक्षण के क्षेत्र में चल रहे कार्यों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की तथा मिशन के अंतर्गत चल रहे पांडुलियों के सर्वेक्षण में सहयोग करने का संकल्प लिया। यह पहल विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा से जोड़ने, पांडुलिपियों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनके सर्वेक्षण, संरक्षण एवं प्रसार में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

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