बीकानेर में 5 नंबर रोड फिर बदहाली की राह पर! गंगाशहर विकास मंच ने उठाया सवाल

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अतिक्रमण के बाद अब गंदगी ने बिगाड़ी तस्वीर, डिवाइडर बना कचरा डालने का ठिकाना
बीकानेर/गंगाशहर। गंगाशहर क्षेत्र की प्रमुख 5 नंबर रोड, जैन पीजी कॉलेज के पास इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। कुछ समय पहले तक जिस मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर चौड़ा किया गया था और डिवाइडर बनाकर व्यवस्थित स्वरूप दिया गया था, वही सड़क अब एक बार फिर अतिक्रमण और गंदगी की समस्या से जूझती नजर आ रही है।

गंगाशहर विकास मंच के मनीष बाफना ने बताया कि”तत्कालीन जिला कलेक्टर डॉ. पृथ्वी के कार्यकाल में इस मार्ग से अतिक्रमण हटाकर सड़क को चौड़ा किया गया था। इसके बाद यहां व्यापारिक गतिविधियां बढ़ीं और जो सड़क पहले अपेक्षाकृत सुनसान नजर आती थी, वहां अब काफी चहल-पहल दिखाई देती है। हालांकि, नियमित निगरानी के अभाव में व्यवस्थाएं धीरे-धीरे कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं।”

डिवाइडर पर गोबर से लेकर निर्माण मलबे तक

राजेश बैद ने बताया कि सबसे गंभीर स्थिति सड़क के डिवाइडर और आसपास दिखाई दे रही है। डिवाइडर पर गोबर के ढेर, प्लास्टिक, सैनिटरी वेस्ट, टाइल्स एवं निर्माण सामग्री का मलबा और अन्य कचरा नजर आ रहा है। सड़क किनारे जगह-जगह कचरे के ढेर भी स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि प्रमुख मार्ग की नियमित मॉनिटरिंग होती रहे तो ऐसी स्थिति बनने ही क्यों दी जाती है?

सिर्फ प्रशासन नहीं, नागरिकों की भी जिम्मेदारी

शिखर चंद डागा ने बताया कि हालांकि इस स्थिति के लिए केवल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने वाले नागरिकों और व्यापारियों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। शहर को स्वच्छ रखने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ नागरिक अनुशासन भी जरूरी है।

अभियान नहीं, चाहिए स्थायी व्यवस्था

इन्दर चंद गोलछा ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कई बार अभियान के रूप में होती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी होने लगती है। ऐसे में आवश्यकता केवल एक बार की कार्रवाई की नहीं, बल्कि नियमित मॉनिटरिंग और स्थायी व्यवस्था की है।

राजेश बुच्चा ने बताया कि
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख मार्ग की स्थिति पर संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। यदि मुख्य मार्गों की यह स्थिति है तो अंदरूनी क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

एसी कार्यालयों से बाहर निकलकर शहर की हकीकत देखनी होगी

मनोज पारख ने बताया कि लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि अधिकारी समय-समय पर कार्यालयों से बाहर निकलकर शहर के प्रमुख मार्गों का मैदानी निरीक्षण करें। 5 नंबर रोड पर तत्काल सफाई करवाने के साथ-साथ अतिक्रमण और कचरा डालने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नवरतन बोथरा ने बताया कि पूरे शहर के लिए स्पष्ट नियम बनाकर उनका सख्ती लेकिन न्यायपूर्ण तरीके से पालन करवाया जाए, ताकि सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल एक-दो दिन का अभियान बनकर न रह जाए।

मंच की ओर से इन्द्र चंद गोलछा, राजेश बेद, शिखर चंद डागा, मनोज पारख,सुरेन्द्र पटवा,नवीन सोलंकी,नवरतन बोथरा, सुधीर लुणावत,पंकज बैद,राजेश बुच्चा, धर्मेन्द्र गोलछा, चाँद मल बोथरा, मुकेश मारु, लक्ष्मण दैया, उपासना जैन, और क्षेत्र वासियों ने सख्त ऐतराज जताया है।

*सवाल सीधा है—शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के लिए अब अगली कार्रवाई कब होगा |

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