BSF ने एक बार फिर दिखाई दरियादिली, भारतीय सीमा में भटककर आए Pak नागरिक को सौंपा वापस
Barmer: भारतीय सीमाओं की सुरक्षा में लगी सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) ने एक बार फिर मानवता (Humanity) का परिचय देते हुए करीब 14 घंटे बाद ही पाक नागरिक को फ्लैग मीटिंग (Flag Meeting) कर वापस पाक रेंजर्स को सौंप दिया है.
भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने इस साल में अभी तक तीन पाक नागरिकों के गलती भारतीय सीमा में प्रवेश करने के 24 घटों में ही वापस अपने वतन पाकिस्तान भेज दिया लेकिन 8 महीने गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान (Pakistan) गए गेमरा राम अभी भी पाक जेल में बंद है और लगातार मांग उठ रही है कि पाकिस्तान भी भारत सीमा सुरक्षा बल की तरह मानवता के आधार पर भारतीय नागरिक गेमराराम की रिहाई करे. 8 महीनों से गैमरा राम के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है और अपने बेटे की रिहाई की मांग कर रहे हैं.
बाड़मेर जिले के मुनाबाव से लगती भारत पाक सीमा से पाकिस्तान के पोस्ट गाजी कैंप के नजदीक स्थित भोमरानी गांव निवासी 65 वर्षीय मोहेब अली पुत्र सुमार अली अपनी भेड़-बकरियां ढूंढते हुए भूल वश भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था. पाक नागरिक से पूछने पर उसने बताया कि उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, जिसपर सीमा सुरक्षा बल ने उसे दवाइयां भी उपलब्ध करवाई और बीएसएफ ने पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग बुला तुरत वापस उसके वतन भेज दिया. इसी तरह कुछ महीने पहले थारपारकर जिले के नगरपारकर निवासी 8 वर्षीय मासूम करीम खान पुत्र यमन खान गलती से सीमा पार कर भारत आ गया, जिसके बाद रोते हुए मासूम को बीएसएफ ने चुप करवाया और खाना खिलाया. मासूम के भारत आने के बाद मात्र 1:45 मिनट में पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग बुला तुरत वापस उसके वतन भेज दिया.
19 जुलाई 2020 में भी भटक कर आई थी महिला
वहीं, 19 जुलाई 2020 को 12:30 पाकिस्तान के उमरकोट निवासी 35 वर्षीय साबिरा भी गलती से सीमा पार कर भारत आ गई BSF ने उस महिला को भी खाना खिलाया और उसी दिन शाम 4 बजे पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग कर उसी दिन वापस पाक भेज दिया.
8 महीने से पाकिस्तान में बंद है गेमराराम
दूसरी तरफ भारतीय निवासी गेमराराम को 8 महीने बाद भी पाकिस्तान ने उसको वापस नहीं भेजा है, उसे जेल में कैद करके रखा है. सज्जन का पार गांव की कुमारो का डिब्बा निवासी गेमरा राम 4 नवंबर की रात्रि को अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था. इस दौरान उसको प्रेमिका के परिजनों ने देख लिया तो वो डर के मारे तारबंदी पार कर पाकिस्तान चला गया, जिसके बाद पाक रेंजर ने उसे पकड़कर जेल भेज दिया. अब गेमराराम के बुजुर्ग मां-बाप का रो रो कर बुरा हाल है. वह अपने बेटे की वतन वापसी को लेकर लगातार अधिकारियों की चौखट पर गुहार लगा रहे हैं कि उनके बेटे को पाकिस्तान से रिहा करवा कर वापस भारत लाया जाए. विदेश मंत्रालय ने भी पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर गेमराराम की रिहाई की मांग की है.
क्या कहना है डीआईजी एम एल. गर्ग का
गुजरात फ्रंटियर के डीआईजी एम एल. गर्ग ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल ने इस साल में अभी तक तीन बार मानवता के आधार पर भूल से भारतीय सीमा प्रवेश करने वाले तीन पाक नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार खाना, पानी, दवाई तक उपलब्ध करवा वापस उनके वतन भेज दिया और हम भी पाक रेंजर्स से इसी तरह के मानवता की उम्मीद करते हैं कि वो जल्द से जल्द 8 महीने से पाक जेल में बंद गेमरा राम की रिहाई कर उसको वापस भारत भेज दें.
Report By : sahil pathan














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