वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बढ़ रहा दूरस्थ शिक्षा का दायरा : राज्यपाल श्री मिश्र

· राजनीति में आएं शिक्षक, अवकाशों से दूरी बनाएं : प्रो सोडाणी

· विद्यार्थियों को कुल 39,065 उपाधियां मिलीं

· तीन विद्यार्थियों को मिली पीएचडी की उपाधि

· 73 टॉपर्स को मिला गोल्ड मेडल व प्रमाण पत्र

· कुलाधिपति कलराज मिश्र ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता

कोटा। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय का 16वां दीक्षांत समारोह बुधवार 10 जुलाई को संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलधिपति कलराज मिश्र ने की। अपने उद्बोधन में श्री मिश्र ने कहा कि आज शिक्षा का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है और दूरस्थ शिक्षा की महती आवश्यकता है। इसका दायरा बढ़ रहा है। श्री मिश्र ने कहा कि आज डिजिटल का युग है और शिक्षा में तकनीक का उपयोग बहुत जरूरी हो गया है जो शिक्षार्थियों को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा भारत का संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान है और ऐसे लोग जो संविधान को बदलने का समाज में भ्रम फैला रहे हैं वह महापाप कर रहे हैं। श्री मिश्र ने कहा सभी दीक्षार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे समाज और देश हित में अपने ज्ञान का सदुपयोग करें। श्री मिश्र ने खुला विश्वविद्यालय के शिक्षकों का आव्हान किया कि वह अपने पाठ्यक्रम को निरंतर अपडेट करते रहें जिससे भावी विद्यार्थियों को कोई परेशानी ना हो। कुलाधिपति महोदय ने विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए ग्रेड मिलने पर पूरे विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी व कुलपति प्रोफेसर सोडाणी के कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि वीएमओयू राज्य का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसे नैक ए ग्रेड प्राप्त है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कैलाश सोडाणी ने विश्वविद्यालय का प्रगति-प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में प्रोफेसर सोडाणी ने कहा कि आज राजनीति में शिक्षकों की भूमिका कम होती जा रही है, ऐसे में शिक्षक समुदाय को मंथन करना होगा और राजनीति में सक्रियता दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक को यह सुविधा प्राप्त है कि वह नौकरी में रहते हुए राजनीति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है। प्रोफेसर सोडाणी ने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में हमें अपने कामकाज की संस्कृति को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केवल राष्ट्रीय महत्व के कुछ दिवसों में ही 12 घंटे काम करने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा शिक्षकों को अवकाशों के फंदे से निकलना होगा। प्रो सोडाणी ने कहा कि आज की पीढ़ी को अपने आइकान बदलने होंगे और देश की बुनियाद को मजबूत करने वाले शिक्षकों, डाक्टरों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों को अपना आदर्श बनाना होगा जो हमारे विकास के पहिए हैं। प्रोफेसर सोडाणी ने कहा कि आज हमे हिन्दी को अहमियत देनी होगी और अंग्रेजी के आतंक से बाहर निकलना होगा। उन्होंने कहा कि वीएमओयू हर साल एक लाख से ऊपर विद्यार्थियों को प्रवेश दे रहा है और इस बार यह संख्या काफी बढ़ सकती है। प्रोफेसर सोडाणी ने कहा कि बीते दिनों विश्वविद्यालय ने पीटीईटी और डीएलएड जैसी दो बड़ी परीक्षाएं कुशलता पूर्वक संपन्न कराई हैं।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के नव निर्मित कुलगीत का लोकार्पण भी कुलाधिपति महोदय द्वारा किया गया। इसका संगीत संयोजन शास्त्रीय गायिका संगीता सक्सेना, नेशनल अवार्डी आस्था सक्सेना, डा संतोष कुमार मीना व देवेन्द्र कुमार सक्सेना द्वारा किया गया।

तथा कुलगीत को श्री रामेश्वर शर्मा, श्री विष्णु शर्मा हरिहर, आदित्य गुप्ता, डॉ आदित्य जैन द्वारा लिखा गया। इसके अलावा विश्वविद्यालय पर बनी पांच मिनट की लघु फिल्म का भी अवलोकन किया गया।

परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी. अरूण कुमार ने बताया कि दीक्षांत समारोह में जून 2021 और दिसंबर 2021 की परीक्षाओं की 39065 उपाधियों सहित तीन पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं । उन्होंने बताया कि सभी उपाधियों में सुरक्षा के फीचर्स भी डाले गए हैं जिससे उनका कोई भी दुरूपयोग न कर सके। उन्होंने बताया कि विभिन्न विषयों में 73 टॉपर विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी दिया गया । दो विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए। दीक्षांत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय स्थित संत सुधा सागर प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ।

दीक्षांत समारोह के लिए निर्धारित वेश-भूषा में ही मेडल प्रदान किये गए। इस मौके पर राजभवन स्टाफ में प्रिंसिपल ओएसडी गोविंदराम जायसवाल, एडीसी अभिषेक शिवहरे के अलावा जिला प्रशासन के आला अधिकारी और कोटा के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति प्रो एके व्यास तथा प्रो नीलिमा सिंह, वीएमओयू के पूर्व कुलपति प्रोफेसर अशोक शर्मा, वीएमओयू के लोकपाल पवन एन चन्द्रा, बाम के सदस्य प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा, प्रोफेसर मनरूप मीणा, जाने-माने उद्यमी ताराचंद गोयल, प्रोफेसर एमएल साहू, प्रोफ़ेसर गीताराम शर्मा, श्रीमती शकुंतला सोडाणी आदि भी मौजूद रहे। कुलाधिपति महोदय के साथ सभी पदक पाने वाले विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों का समूह फोटो भी लिया गया।

  • सुमित बोथरा और मनोहर लाल को मिला चांसलर गोल्ड मेडल

जून 2021 में एम.कॉम की परीक्षा में टॉपर विद्यार्थी सुमित बोथरा और जून 2021 की एमएलआईएस की परीक्षा के टॉपर मनोहर लाल को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किये गये।

  • शमसुद्दीन, दिनेश और अजय को मिले विशेष पदक

जून 2021 में बीजे की परीक्षा के टॉपर शमसुद्दीन खान तथा दिनेश चंद्र शर्मा तथा दिसंबर 2021 की बीजे परीक्षा के टॉपर अजय यादव को करूणा शंकर त्रिपाठी मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किये गये।

  • सुप्रिया को मिला विशेष पदक

जून 2021 की पीजीडीएलएल परीक्षा की टॉपर सुप्रिया सिंह को श्रीमती अशर्फी देवी मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

  • तीन विद्यार्थियों को दी गई विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि

विवि के तीन विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया। इनमें चन्द्रशेखर को पत्रकारिता में, सानिया खान को भूगोल में तथा निधि जैन को संस्कृत विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!