बीकानेर। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ, जिला इकाई बीकानेर ने राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सेवारत चिकित्सकों को चिकित्सक शिक्षक के पदों पर समायोजित करने की मांग की है। संघ ने एनएमसी के रेगुलेशन 5 जुलाई 2025 की अनुपालना का हवाला देते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया है।
संघ अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र चौधरी और महासचिव डॉ. सी.एस. मोदी ने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक शिक्षकों की भारी कमी है, जबकि राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत सेवारत चिकित्सक पूरी योग्यता रखते हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं का उपयोग मेडिकल कॉलेजों में किया जा सकता है, जिससे स्थानीय जनता को भी लाभ मिलेगा।
संघ ने यह भी मांग रखी कि इस प्रस्ताव पर निर्णय लेने हेतु समिति का गठन किया जाए और उसमें सेवारत चिकित्सक संघ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। साथ ही, संघ ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया चिकित्सक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किए बिना केवल रिक्तियों को भरने के उद्देश्य से की जानी चाहिए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि चिकित्सक शिक्षकों और सेवारत चिकित्सकों के वेतनमान में भी असमानता है। वर्तमान में सेवारत चिकित्सकों को डीएसीपी स्कीम के तहत अधिकतम ग्रेड-21 तक का लाभ मिलता है, जबकि चिकित्सक शिक्षकों को ग्रेड-24 तक का लाभ दिया जाता है। संघ ने मांग की कि सेवारत चिकित्सकों को भी ग्रेड-24 में पदोन्नत कर 18 प्रतिशत कैडर में नियमित किया जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस मांग को गंभीरता से नहीं लेती और चिकित्सक शिक्षकों द्वारा किया जा रहा विरोध जारी रहा, तो प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और भविष्य में आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।










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