FIRST JOINT EXERCISE BETWEEN
‘INDIA & SAUDI ARABIA‘EX SADA TANSEEQ’ 2024
Jaipur, Saturday, 27 Jan 2024
The inaugural edition of Mechanised Infantry based Joint Military Exercise ‘EX SADA TANSEEQ’ between India and Saudi Arabia will be conducted at Mahajan Field Firing Ranges from 29 January to 10 February 2024.
The exercise will comprise of nearly 90 soldiers from both Indian Army and Royal Saudi Land Force training together and laying the foundation for future military interactions.
The Exercise ‘EX SADA TANSEEQ’will hereafter become a yearly event which will be conducted alternatively in India and Saudi Arabia. Both armies will undergo13 days of intense and exacting military training focused on joint operations in Semi Desert terrain under the United Nations (UN) Mandate.
This joint exercise will enable the two armies to share their best practices in tactics, techniques and procedures of conducting tactical operations under United Nations Mandate. In addition, this will also facilitate developing inter-operability, bonhomie, camaraderie and friendship between the two armies.The joint military exercise will enhance the level of defence cooperation, further fostering bilateral relations between the two nations.
भारत-सऊदी अरब संयुक्त सैन्य अभ्यास
अभ्यास सदा तन्सीक’ 2024
Jaipur, Saturday, 27 Jan 2024
भारत और सऊदी अरब के बीच मैकनाईज्ड इन्फेंट्री पर आधारित संयुक्त सैन्य अभ्यास का प्रथम संस्करण 29 जनवरी से 10 फरवरी 2024 तक महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया जाएगा।
इस अभ्यास में भारतीय और सऊदी अरब की सेना के लगभग 90 सैनिक शामिल होंगे,जो अपने अतीत में किये गए विभिन्न सैन्य ऑपरेशनो के अनुभवों को सांझा करेंगे और भविष्य में होने वाले सैन्य वार्तालाप की नींव रखेंगे।
‘अभ्यास सदा तन्सीक’अभ्यास एक वार्षिक कार्यक्रम होगा जो कि वैकल्पिक रूप से आयोजित किया जाएगा। दोनों सेनाएं संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के जनादेश के तहत अर्ध रेगिस्तानी इलाके में संयुक्त ऑपरेशन पर केंद्रित होगी, जो कि 13 दिनों में गहन और सटीक सैन्य प्रशिक्षण से गुजरेगी। यह अभ्यास दोनों सेनाओं को संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत सामरिक ऑपरेशन करने की रणनीति, तकनीक और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को सांझा करने में सक्षम करेगा और दोनों सेनाओं के बीच आपसी सौहार्द और मित्रता विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।
यह संयुक्त अभ्यास रक्षा सहयोग के स्तर को बढ़ाएगा जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा।
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