बीकानेर, 27 सितम्बर।
“हर सप्ताह कुछ समय राष्ट्र के नाम” के संकल्प के साथ लगातार स्वच्छता अभियान चला रही टीम आवर फॉर नेशन ने रविवार को न्यायालय पार्किंग, सार्वजनिक पार्क एवं कलेक्ट्रेट कार्यालय के पास लगातार चौथे रविवार सामूहिक श्रमदान किया। इसके बाद टीम का जयपुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर में विशेष सम्मान किया गया।
रविवार सुबह न्यायालय पार्किंग क्षेत्र में हुए स्वच्छता अभियान में टीम सदस्यों के साथ बार एसोसिएशन, बीकानेर के अध्यक्ष एडवोकेट अजय पुरोहित एवं उनकी टीम ने भी सक्रिय रूप से श्रमदान किया। अभियान के दौरान कचरा, झाड़ियां एवं अन्य अनुपयोगी सामग्री हटाई गई तथा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली कचरा एकत्र कर डंपिंग यार्ड भेजा गया।
पिछले तीन रविवार से लगातार चल रहे सफाई कार्य के परिणामस्वरूप अब न्यायालय पार्किंग एवं आसपास का क्षेत्र पूरी तरह बदला हुआ नजर आने लगा है। सफाई से पहले और बाद की तस्वीरों को देखने पर ऐसा लगता है मानो यह वही स्थान ही नहीं है। व्यवस्थित और स्वच्छ हुए इस क्षेत्र ने सामूहिक श्रमदान की ताकत को स्पष्ट रूप से सामने रखा।
अभियान के बाद टीम के सदस्य जयपुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंचे, जहां मंदिर प्रबंधन द्वारा टीम के सम्मान के लिए विशेष कार्यक्रम रखा गया था। टीम आवर फॉर नेशन को 15 अगस्त के राज्य स्तरीय समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने के उपलक्ष्य में मंदिर प्रबंधन ने टीम के प्रत्येक सदस्य का सम्मान किया तथा उनके सामाजिक कार्यों के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
सम्मान समारोह में मंदिर प्रबंधन की ओर से टीम के सदस्यों का अभिनंदन करते हुए कहा गया कि नियमित रूप से बिना किसी स्वार्थ के सार्वजनिक स्थानों की सफाई के लिए समय देना समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य है।
आज के अभियान में सुदेश व्यास, वंदना शर्मा, कपिला शर्मा, दीपा सिंह, मोहम्मद हसन, किशोर भाटिया, डॉ. विशाल मलिक, सीए वसीम रज़ा, इन्द्र सिंह, कंवर सिंह, डॉ. फ़ारूक़, सीए सुधीश शर्मा, अरुण चाम, गजेंद्र सरीन, सुशील यादव, मनोज सोनी, विनोद चौधरी, मानक व्यास, गुरमोहन सेठी, भवानी सिंह राजपुरोहित, देवकिशन तंवर, रमेश उपाध्याय सहित अनेक सदस्यों ने श्रमदान किया। एडवोकेट अजय पुरोहित एवं बार एसोसिएशन की टीम ने भी अभियान में सक्रिय सहभागिता की।
टीम आवर फॉर नेशन का संदेश है—स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक भागीदारी का संकल्प है। शिकायत नहीं, सहयोग और हर सप्ताह कुछ समय राष्ट्र के नाम।







