ऑनलाइन कोर्स से घर बैठे प्रमाण-पत्र, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस योजना से विशेषज्ञों का अनुभव विद्यार्थियों तक पहुंचेगा
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के नव नियुक्त कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, रोजगारोन्मुखी शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार की भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी पहल पर विश्वविद्यालय में एम.एससी. डाटा साइंस, फॉरेंसिक साइंस, मनोविज्ञान और सर्टिफिकेट इन ड्रोन प्रौद्योगिकी के चार नवीन पाठ्यक्रमों का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। रोजगारोन्मुखी शिक्षा के तहत अंग्रेजी विभाग के माध्यम से विदेशी भाषा पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।
प्रेसवार्ता में कुलगुरु ने बताया कि प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस योजना के माध्यम से अनुभवी चिकित्सकों, पेशेवरों और उद्योग विशेषज्ञों की विशेषज्ञता का लाभ विद्यार्थियों को दिलाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप का प्रावधान किया गया है, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण लेकर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को SWAYAM पोर्टल पर उपलब्ध निःशुल्क ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे घर बैठे विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकें। विश्वविद्यालय में ऑनलाइन विद्यार्थी शिकायत निवारण केंद्र तथा विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देने के लिए चैटबॉट भी विकसित किया जा रहा है।
कुलगुरु ने बताया कि सम्बद्ध महाविद्यालयों के डाटा को ऑनलाइन किया जा रहा है तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज डिजिलॉकर पर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रीय पुस्तकालय के ई-रिसोर्सेज सम्बद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी उपलब्ध करवाने की योजना है। इसके अलावा मानव संसाधन विकास मीडिया केंद्र के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता विकास तथा विषय विशेषज्ञों के रिकॉर्डेड वीडियो विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाए जाएंगे।
विश्वविद्यालय में एमबीए, एमसीए, बीसीए, बीबीए, एमएड, एमपीएड, बीएबीएड, बीएससी बीएड, बीएससी डाटा साइंस, बीएससी क्लिनिकल साइकोलॉजी, बीफार्मा और बीएससी नर्सिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए संबंधित नियामक संस्थाओं से पंजीयन की कार्यवाही की जाएगी।
कुलगुरु ने कहा कि आगामी समय में रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर चयन एवं पदोन्नति की कार्यवाही के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से एमओयू कर विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
कुलसचिव यशपाल आहूजा ने बताया कि विश्वविद्यालय का आगामी दीक्षांत समारोह दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है, जिसमें परीक्षा वर्ष 2025 के लगभग 1.27 लाख विद्यार्थियों को उपाधियां तथा 136 विद्या-वाचस्पति उपाधियां प्रदान की जाएंगी। प्रेसवार्ता में संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो. अनिल कुमार छंगाणी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजाराम चोयल एवं आईक्यूएसी निदेशक डॉ. धर्मेश हरवानी उपस्थित रहे।








