जयपुर जेल में बंद गैंगस्टर गब्बर बदमाशों के टारगेट पर:5 दिन पहले बोलेरो से किया था गुर्गों का पीछा; 2 बिजनेसमैन भी निशाने पर हैं

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जयपुर जेल में बंद गैंगस्टर गब्बर बदमाशों के टारगेट पर:5 दिन पहले बोलेरो से किया था गुर्गों का पीछा; 2 बिजनेसमैन भी निशाने पर हैं

झुंझुनूं

जेल में बंद गब्बर को मारना चाहते थे बदमाश। एक बिजनेसमैन भी निशाने पर था। - Dainik Bhaskar

जेल में बंद गब्बर को मारना चाहते थे बदमाश। एक बिजनेसमैन भी निशाने पर था।

झुंझुनूं के चर्चित छात्रनेता राकेश झाझड़िया हत्याकांड के आरोपी गैंगस्टर गब्बर उर्फ अरविंद समेत 3 लोग बदमाशों के टारगेट पर थे। मंगलवार देर रात सूरजगढ़ थाना पुलिस और डीएसटी ने 4 बदमाशों को 2 पिस्टल और 7 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे गब्बर, एक बिजनेसमैन अनूप व एक रिटायर्ड कैशियर के बिजनेसमैन बेटे अक्षय को मारना चाहते थे।

एसपी राजर्षि वर्मा ने बताया- बुधवार को योगेश, संदीप, सुमेर सिंह और अजय सिंह को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनसे पूछताछ में यह खुलासा हुआ। योगेश, संदीप और सुमेर सूरजगढ़ के हैं, जबकि अजय उदयपुरवाटी का है।

पुलिस ने इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कई खुलासे हुए।

पुलिस ने इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कई खुलासे हुए।

निशाने पर क्यों था गैंगस्टर गब्बर

गब्बर फिलहाल छात्रनेता हत्याकांड मामले में जयपुर जेल में बंद है। वह ईसरपुरा (झुंझुनूं) का रहने वाला है। उसने 2022 में झुंझुनूं की काटली नदी इलाके में कुछ साथियों के साथ मिलकर छात्रनेता राकेश राकेश झाझड़िया का मर्डर किया था। इसी मामले में उसे झुंझुनूं जेल में डाला गया था।

संदीप और अजय भी फायरिंग व मारपटी मामले में झुंझुनूं जेल में थे। जेल में संदीप-अजय का गब्बर से झगड़ा हो गया था। गब्बर ने साथियों के साथ मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इस मारपीट के बाद गब्बर को जयुपर जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

जेल से निकलने के बाद संदीप ने बदला लेने के लिए गब्बर को मारने की साजिश रची। निशाने पर गब्बर गैंग के गुर्गे भी थे। कुछ दिन में गब्बर जमानत पर जेल से बाहर आने वाला था। ऐसे में बदमाशों ने उसे ठिकाने लगाने की प्लानिंग कर ली थी।

गब्बर झुंझुनूं के ईसरपुरा गांव का रहने वाला है। 2022 में उसने छात्रनेता की हत्या की थी। वह जयपुर जेल में बंद है।

गब्बर झुंझुनूं के ईसरपुरा गांव का रहने वाला है। 2022 में उसने छात्रनेता की हत्या की थी। वह जयपुर जेल में बंद है।

5 दिन पहले संदीप और उसके साथियों ने बोलेरो कार से गब्बर गैंग के गुर्गों का पीछा किया था। झुंझुनूं स्टेडियम के पास सब्जी मंडी से हाउसिंग बोर्ड तक उन्होंने गैंग के सदस्यों की कार के पीछे बोलेरो दौड़ाई। लेकिन वे गलियों में घुस गए।

सूरजगढ़ का बिजनेस अनूप क्यों था निशाने पर

सूरजगढ़ के बिजनेसमैन अनूप से आरोपियों ने फिरौती मांगी थी। उसने फिरौती देने से इनकार किया तो फायरिंग कर उसे डराया था। इसकी शिकायत उसने पुलिस को दे दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

ऐसे में जेल से बाहर आने के बाद चारों आरोपी सूरजगढ़ के बिजनेसमैन अनूप से भी बदला लेना चाहते थे।

बैंक कैशियर का बेटा अक्षय भी था निशाने पर

गब्बर से पहले ये बदमाश सूरजगढ में SBI बैंक से रिटायर्ड कैशियर के बेटे अक्षय शर्मा को मारना चाहते थे। 2017 में योगेश का शिंभू महाजन नाम के व्यक्ति के बेटे से झगड़ा हुआ था। शिंभू के बेटे ने अपने कुछ दोस्तों को बुलाकर योगेश को पीट दिया था।

रिटायर्ड बैंक कैशियर का बिजनेसमैन बेटा अक्षय खंडेलवाल भी बीच-बचाव करने गया था। इस दौरान अक्षय ने योगेश को थप्पड़ जड दिए थे। इसके बाद योगेश ने अक्षय के घर पर 15 जून 2019 में उसके पिता पर फायरिंग कर दी थी। 5 दिन बाद दोबारा फायरिंग की और 10 लाख रुपए की डिमांड की। घटना के दौरान अक्षय घर पर नहीं था। अक्षय की सूरजगढ में कपड़े की दुकान है।

रिटायर्ड बैंक कैशियर का बेटा अक्षय भी बदमाशों के निशाने पर था।

रिटायर्ड बैंक कैशियर का बेटा अक्षय भी बदमाशों के निशाने पर था।

चारों आरोपियों के खिलाफ कुल 44 मुकदमे दर्ज

योगेश, संदीप, सुमेर सिंह और अजय सिंह के खिलाफ अलग अलग थानों में लूट, डकैती व आर्म्स एक्ट के 44 मुकदमे दर्ज हैं। चारों आदतन अपराधी हैं। सूरजगढ़ सहित बुहाना, चिड़ावा, गुढ़ा, उदयपुरवाटी, खेतड़ी नगर, कोतवाली झुंझुनूं, नवलगढ़, सिंघाना, सिविल लाइन अजमेर आदि थानों में लूट, डकैती व आर्म्स एक्ट में योगेश के खिलाफ 15, संदीप के खिलाफ 14, सुमेर के खिलाफ 10 और अजय सैनी के खिलाफ 5 मुकदमे दर्ज हैं। योगेश और संदीप गंगापुर सिटी में फायरिंग प्रकरण में भी वांछित हैं।

एसपी ने बताया कि 3 मर्डर के अलावा ये बदमाश जोधपुर में बड़ी लूट भी करने वाले थे। इन्होंने जोधपुर में कई दिनों तक रेकी भी की थी। इसके लिए सूरजगढ़ में रहकर साजिश रच रहे थे।

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