इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ईसीबी) में ई-सेल ईसीबी की टीम द वेंचरर्स की ओर से आईआईटी बॉम्बे के नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप चैलेंज (एनईसी) के तहत इल्यूमिनेट ’26 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति के प्रति समझ विकसित करने के साथ उन्हें नए विचारों को व्यावहारिक अवसरों में बदलने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में आईआईटी बॉम्बे के एनईसी की ओर से आए गौरव शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने उद्यमिता के विभिन्न आयामों, नए विचारों की पहचान, समस्याओं के नवाचार आधारित समाधान तथा विचारों को व्यावसायिक अवसरों में बदलने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने विचारों को केवल कल्पना तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक रूप देने और उद्यमशीलता को करियर के संभावित विकल्प के रूप में देखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सुरेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमशील सोच विकसित करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपने विचारों को पहचानने, विकसित करने और उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने का अवसर प्रदान करते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव जैन ने कहा कि वर्तमान दौर में विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित सोच नहीं रखनी चाहिए, बल्कि रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से रचनात्मक सोच, नवाचार और उद्यमशीलता को अपने करियर विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. राहुल अग्रवाल, डॉ. धनरूप मल नागर, सुश्री चारू जैन, डॉ. मनोज कुरी एवं डॉ. रितुराज सोनी सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए उद्यमिता, स्टार्टअप और नवाचार से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे तथा वक्ता के साथ संवाद किया।
इल्यूमिनेट ’26 के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ उद्यमिता और स्टार्टअप को एक संभावित करियर दिशा के रूप में समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में नए विचारों को पहचानने, नवाचार आधारित समाधान विकसित करने तथा उन्हें व्यावहारिक रूप देने की दिशा में सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।







