चिकित्सकों की विशेषज्ञता और संगठन की ताकत से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ
बूथ स्तर तक चिकित्सा प्रकोष्ठ को मजबूत बनाने और निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के आयोजन पर दिया जोर
बीकानेर। भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ, राजस्थान की बीकानेर संभाग स्तरीय बैठक शनिवार को भाजपा संभाग कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में बीकानेर संभाग के साथ श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से बड़ी संख्या में चिकित्सकों एवं भाजपा पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चिकित्सा प्रकोष्ठ के संगठनात्मक विस्तार, चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य अतिथि डॉ. राजा साध वैष्णव ने कहा कि चिकित्सा प्रकोष्ठ भाजपा का महत्वपूर्ण मंच है, जो चिकित्सकों की विशेषज्ञता और संगठन की शक्ति को जोड़कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने चिकित्सकों से चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक सरोकारों और जनकल्याण के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
प्रदेश सह-संयोजक डॉ. सिद्धार्थ असवाल ने कहा कि चिकित्सा प्रकोष्ठ केवल चिकित्सकों का संगठनात्मक मंच नहीं, बल्कि सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने प्रकोष्ठ को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, अधिक से अधिक चिकित्सकों को संगठन से जोड़ने तथा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से जनसेवा करने पर जोर दिया।
डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने केंद्र एवं राजस्थान सरकार की ओर से चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा संस्थानों के सुदृढ़ीकरण की जानकारी दी। श्रीमती सुमन छाजेड़ ने चिकित्सा प्रकोष्ठ में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, महिला स्वास्थ्य जागरूकता और संगठनात्मक विस्तार पर अपने विचार रखे।
बैठक में भाजपा महामंत्री श्याम सिंह हड़ला, अनिल शुक्ला, डॉ. श्याम सुंदर, डॉ. पारुल यादव, डॉ. हरमीत सिंह, डॉ. अनंत शर्मा, डॉ. आदित्य चावला एवं डॉ. सुरेश बड़िहार सहित अनेक चिकित्सक और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस दौरान संभाग के विभिन्न जिलों से आए चिकित्सकों ने चिकित्सा जगत से जुड़ी समस्याओं, संगठनात्मक विस्तार और आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने के संबंध में सुझाव दिए। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। बैठक का समापन संगठनात्मक एकता और जनसेवा के कार्यों को और प्रभावी बनाने के संकल्प के साथ हुआ।







