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IPS: केंद्र में नई जिम्मेदारी लेने की दौड़ में कई आईपीएस, आईबी सहित RPF, CRPF व CISF को मिल सकते हैं नए ‘बॉस’

IPS: केंद्र में नई जिम्मेदारी लेने की दौड़ में कई आईपीएस, आईबी सहित RPF, CRPF व CISF को मिल सकते हैं नए ‘बॉस’

सार

केंद्र की नई सरकार में बड़े फेरबदल की आहट सुनाई पड़ रही है। नई जिम्मेदारी लेने की इस दौड़ में कई आईपीएस शामिल हैं। 

विस्तार

अगले माह कई अर्धसैनिक बलों/केंद्रीय एजेंसियों को नए ‘आईपीएस’ बॉस मिल सकते हैं। केंद्र की नई सरकार में बड़े फेरबदल की आहट सुनाई पड़ रही है। नई जिम्मेदारी लेने की इस दौड़ में कई आईपीएस शामिल हैं। देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीआरपीएफ’ को नया प्रमुख मिल सकता है। इसके साथ ही खुफिया एजेंसी यानी ‘आईबी’ चीफ बनने के लिए भी कई आईपीएस, अपने प्रयासों में जुट गए हैं। इस फेरबदल की कड़ी में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ‘आरपीएफ’ और ‘सीआईएसएफ’ को भी नए ‘बॉस’ मिल जाएंगे। अगर सीआरपीएफ प्रमुख का पद खाली होता है, तो उस स्थिति में दो केंद्रीय बलों के महानिदेशक, इस पद के लिए अपना मजबूत दावा ठोक सकते हैं।

कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने 2022 में 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी तपन कुमार डेका को दो साल की अवधि के लिए खुफिया ब्यूरो का निदेशक नियुक्त किया था। इस नियुक्ति के लिए कई वरिष्ठ आईपीएस अफसर भी दौड़ में थे, लेकिन डेका ने सभी को पीछे छोड़ दिया था। डेका की रिटायरमेंट जून 2024 में है। हालांकि सूत्रों का कहना है, अगर लोकसभा चुनाव के बाद मौजूदा सरकार ही दोबारा से सत्ता में आती है, तो डेका को सेवा विस्तार दिया जा सकता है। इस पद के लिए सीआरपीएफ डीजी अनीश दयाल सिंह का नाम भी चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि वे इसके लिए प्रयासरत हैं। मणिपुर कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी अनीश दयाल सिंह 31 दिसंबर, 2024 को रिटायर होंगे। संभव है कि इससे पहले उन्हें किसी दूसरे बल/एजेंसी में जिम्मेदारी मिल जाए।

अगर अनीश दयाल सिंह को अपनी सेवानिवृत्ति से पहले कोई दूसरी जिम्मेदारी मिलती है, तो उस स्थिति में सीआरपीएफ डीजी का पद खाली हो जाएगा। उस सूरत में कई आईपीएस, यह पद लेने की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। इनमें एक नाम आरपीएफ के वर्तमान डीजी मनोज यादव का भी है। वे हरियाणा कैडर के 1988 बैच के आईपीएस हैं। आरपीएफ में आने से पहले वे हरियाणा के डीजीपी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर का अधिकांश समय ‘आईबी’ में बिताया है। मनोज यादव की रिटायरमेंट 31 जुलाई, 2025 को है। ऐसे में उन्हें केंद्र में ही कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस स्थिति में आरपीएफ को नया डीजी मिलने के आसार बन जाएंगे।

एसएसबी के डीजी दलजीत चौधरी का नाम भी चर्चा में है। केंद्र की नई सरकार में उन्हें कोई दूसरी जिम्मेदारी मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि वे भी सीआरपीएफ डीजी बनने के इच्छुक बताए जाते हैं। उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है। वे सीआरपीएफ में बतौर स्पेशल डीजी रहे हैं। उनका रिटायरमेंट 30 नवंबर 2025 को होगा। राजस्थान कैडर की 1989 बैच की आईपीएस अधिकारी नीना सिंह, जो वर्तमान समय में सीआईएसएफ प्रमुख हैं, उनकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2024 को है। ऐसे में इस बल को भी नया प्रमुख मिलने के आसार हैं। मणिपुर कैडर के ही एक अन्य आईपीएस अधिकारी राहुल रसगोत्रा, जो मौजूदा समय में आईटीबीपी के डीजी हैं, उन्हें भी नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। आईटीबीपी में आने से पहले वे इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में विशेष निदेशक के पद पर तैनात रहे हैं। वे 1989 बैच के आईपीएस हैं। उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 30 सितंबर, 2025 है।

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