ईरान जंग 48 घंटे में खत्म हो सकती है:14 शर्तों का समझौता तैयार, अमेरिका ईरानी प्रॉपर्टी लौटाएगा; ईरान होर्मुज खोलेगा, न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकेगा
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी

अमेरिका और ईरान में युद्ध खत्म करने और परमाणु बातचीत का रास्ता तय करने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान 48 घंटे के भीतर सीजफायर को लेकर सहमति दे सकता है।
दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला समझौता (MOU) तैयार है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत पहले से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है।
समझौते की अहम शर्तें जानिए
- सबसे पहले युद्ध खत्म करने की घोषणा होगी
- 30 दिनों तक दोनों देशों की विस्तृत बातचीत होगी
- इसमें होर्मुज, परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील जैसे मुद्दे होंगे
- दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए इस्लामाबाद या फिर जिनेवा जैसे शहरों पर विचार हो रहा है।
ड्राफ्ट के मुताबिक, ईरान न्यूक्लियर प्रोग्राम को कुछ समय के लिए रोक सकता है। बदले में अमेरिका धीरे-धीरे प्रतिबंध कम करेगा और ईरान के जब्त किए हुए अरबों डॉलर जारी कर सकता है। साथ ही, होर्मुज में दोनों तरफ से लगाई गई पाबंदियों में भी ढील दी जाएगी।
हालांकि सबसे बड़ा विवाद न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने की अवधि को लेकर है। ईरान 5 साल का प्रस्ताव दे चुका है, जबकि अमेरिका 20 साल चाहता था। अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश हो रही है, जिसमें 12 से 15 साल तक की अवधि पर बात चल रही है।

तेहरान में सड़क पर पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की तस्वीर वाले बिलबोर्ड लगाए गए हैं।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. होर्मुज पर UN में नया प्रस्ताव: अमेरिका ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए UNSC में नया प्रस्ताव पेश किया है। इसमें ईरान से हमले, माइंस बिछाना और टोल वसूली तुरंत रोकने को कहा गया है।
2. UAE पर फिर हमला: ईरान ने UAE पर लगातार दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोनों से हमला किया। UAE ने कहा कि उसके डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल और ड्रोन को आसमान में ही रोक लिया।
3. USS जॉर्ज बुश वॉरशिप होर्मुज पहुंचा: अमेरिका ने होर्मुज में प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश वॉरशिप भेजा। इसका मकसद उन जहाजों को सुरक्षित निकालना था, जो होर्मुज में फंसे हुए हैं।
4. फुजैराह हमले के बाद भारत नाराज: भारत ने कहा कि तीन भारतीय नागरिकों का घायल होना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। साथ ही कहा कि आम लोगों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए।
5. चीन की देशी कंपनियों को धमकी: चीनी कंपनियों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए वहां की सरकार ने एक कानून बनाया है। इसके तहत विदेशी प्रतिबंधों को मानने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है। दरअसल, अमेरिका ने ईरान से व्यापार करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
16 मिनट पहले
गाजा में इजराइली हमला, पुलिस अधिकारी की मौत
गाजा में इजराइल के हवाई हमले में एक बड़े पुलिस अधिकारी की मौत हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए अधिकारी का नाम नसीम अल-कलाजानी है, जो गाजा पुलिस में कर्नल थे।
रिपोर्ट के मुताबिक उनका वाहन खान यूनिस के पश्चिम में अल-मवासी इलाके के पास निशाना बनाया गया। इस हमले में कम से कम 17 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।
30 मिनट पहले
ईरान ने UN देशों से अमेरिकी प्रस्ताव ठुकराने को कहा
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के देशों से कहा है कि वे अमेरिका के उस प्रस्ताव को खारिज कर दें, जो होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर लाया गया है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने कहा कि यह प्रस्ताव गलत और राजनीतिक मकसद से बनाया गया है। उनका कहना है कि इससे समस्या का हल नहीं निकलेगा।
ईरान ने साफ कहा कि होर्मुज में असली समाधान यह है कि युद्ध पूरी तरह खत्म हो, समुद्री नाकाबंदी हटाई जाए और जहाजों की आवाजाही सामान्य हो।
ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह इस प्रस्ताव के जरिए अपना राजनीतिक फायदा उठाना चाहता है और अपने कदमों को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है, न कि समस्या को सुलझाने की।
39 मिनट पहले
बहरीन में ईरान से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी
बहरीन ने दावा किया है कि उसने ऐसे कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके ईरान की सेना की यूनिट इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से करीबी संबंध हैं।
बहरीन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, इन लोगों पर जासूसी का शक है, इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया है। हालांकि, कितने लोगों को पकड़ा गया है, इसकी संख्या नहीं बताई गई है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अप्रैल के आखिर में बहरीन ने 69 लोगों की नागरिकता भी छीन ली थी। इन लोगों पर आरोप था कि वे ईरान का समर्थन कर रहे थे और बाहरी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रहे थे।
09:48 PM6 मई 2026
ईरान बोला– धोखा और दबाव से विवाद नहीं सुलझते
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासेर कनानी बघाई ने कहा है कि बातचीत तभी सफल होती है जब दोनों पक्ष ईमानदारी से बात करें।
उन्होंने X पर बयान जारी करते हुए कहा कि किसी भी बातचीत में धोखा या दबाव नहीं होना चाहिए, बल्कि असली मकसद विवाद को सुलझाना होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत का मतलब है कि दोनों पक्ष सच में समस्या का हल निकालने की कोशिश करें।
इसके लिए उन्होंने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के 2011 के फैसले का हवाला भी दिया, जिसमें कहा गया था कि बातचीत में सच्ची कोशिश जरूरी होती है।
09:29 PM6 मई 2026
ईरानी विदेशमंत्री ने चीन के साथ बातचीत को सकारात्मक बताया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीन के साथ हुई बातचीत को अच्छा और सकारात्मक बताया है।
उन्होंने कहा कि बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ उनकी बातचीत प्रोडक्टिव रही।
अराघची ने बताया कि दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान को अपनी आजादी और सम्मान बनाए रखने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने चीन के उस प्लान की भी तारीफ की, जिसमें इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए चार अहम सुझाव दिए गए हैं।
ईरान ने यह भी कहा कि उसे चीन पर भरोसा है और वह चाहता है कि चीन आगे भी इस क्षेत्र में शांति लाने और युद्ध खत्म करने में सक्रिय भूमिका निभाए।

09:20 PM6 मई 2026
ईरान बोला– अमेरिका दबाव बनाकर झुकाना चाहता है
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह आर्थिक और मीडिया दबाव डालकर ईरान को कमजोर करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान के अंदर मतभेद पैदा हों और देश झुक जाए, लेकिन ऐसा नहीं होगा।
गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को गलत जानकारी मिल रही है, जिसकी वजह से वह गलत फैसले ले रहा है। उनके मुताबिक, ऐसे फैसलों से सभी को नुकसान होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे जितना भी दबाव डाला जाए, ईरान के लोग अपनी आजादी के लिए डटे रहेंगे और हार नहीं मानेंगे।
08:47 PM6 मई 2026
लेबनान के टायर जिले में इजराइल के हवाई हमले और गोलीबारी
लेबनान के दक्षिण-पश्चिम इलाके में इजराइल की सेना तेजी से आगे बढ़ रही है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक टायर जिले में लगातार हवाई हमले और गोलाबारी हो रही है और आम लोगों के घर निशाने पर हैं।
टायर के दक्षिण में अल-मंसूरी और कलैला जैसे तटीय इलाकों में पूरे दिन हमले होते रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सैनिक काफी आगे बढ़ गए हैं और उन्होंने एक पहाड़ी पर अपना झंडा भी लगा दिया है।
सीमा क्षेत्र (ब्लू लाइन) के पास जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। अल्मा अल-शाब इलाके में इमारतें गिराई गई हैं। इसके अलावा नबातियेह इलाके में भी लगातार हमले हो रहे हैं और वहां लोगों को अपने घर छोड़ने के आदेश दिए गए हैं।
08:33 PM6 मई 2026
इजराइल बोला– हमारे पास इलाके के हालात बदलने का मौका
इजराइल के सेना प्रमुख एयाल जमीर ने कहा है कि अभी उनके पास इलाके के हालात बदलने का अच्छा मौका है।
उन्होंने दक्षिण लेबनान का दौरा किया और कहा कि इजराइल की सेना अभी भी हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
उनका दावा है कि मार्च से अब तक 2000 से ज्यादा हिजबुल्लाह के लोगों को मार दिया गया है और उनके ठिकानों को खत्म किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल इस समय कई जगहों पर एक साथ काम कर रहा है और अमेरिका के साथ मिलकर हालात पर नजर रख रहा है।
साथ ही ईरान को लेकर भी उन्होंने चेतावनी दी। उनका कहना है कि इजराइल के पास ईरान में हमले के लिए कई टारगेट तैयार हैं।
08:02 PM6 मई 2026
इजराइली अदालत का गाजा रहे एक्टिविस्ट को रिहा करने से इनकार
इजराइल की एक अदालत ने गाजा जा रहे जहाज (फ्लोटिला) के दो कार्यकर्ताओं को रिहा करने से मना कर दिया है।
एक्टिविस्ट ग्रुप अदाला के मुताबिक, इजराइली अदालत ने थियागो अविला और सैफ अबू केशेक की हिरासत बढ़ाने का फैसला बरकरार रखा है।
दोनों कार्यकर्ता उस जहाज का हिस्सा थे, जो गाजा के लिए मदद लेकर जा रहा था, लेकिन इजराइली सेना ने उसे रास्ते में ही रोक लिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों कार्यकर्ता इस समय भूख हड़ताल पर हैं और उनकी हिरासत रविवार सुबह तक बढ़ा दी गई है।
अदाला संगठन ने इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह फैसला गलत और गैरकानूनी है।
07:19 PM6 मई 2026
चीन ने ईरान को समर्थन का भरोसा दिया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान चीन ने कहा कि वह आगे भी ईरान का साथ देता रहेगा।
इस बैठक में ईरान ने कहा कि वह लड़ाई खत्म करना चाहता है और अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन अपनी शर्तों पर और बिना किसी दबाव के।
ईरान का एक बड़ा मकसद यह भी था कि वह चीन से यह भरोसा ले कि वह अमेरिका के दबाव में आकर कोई ऐसा फैसला नहीं करेगा, जिससे ईरान को नुकसान हो। इस पर चीन ने कहा कि वह आगे भी ईरान का साथ देता रहेगा।
यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प जल्द ही चीन आने वाले हैं और वहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी।
07:04 PM6 मई 2026
ईरान जंग रुकने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमत 6% गिरी
अमेरिका-ईरान के बीच जंग खत्म होने की उम्मीद से दुनियाभर में तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं। दरअसल ट्रम्प ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहा तनाव जल्द खत्म हो सकता है, जिससे बाजार में राहत का माहौल बना है।
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 6% से ज्यादा गिरकर करीब 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं अमेरिका का कच्चा तेल भी लगभग 7% गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे पहले भी कीमतों में करीब 4% की गिरावट देखी गई थी।
जानकारों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो तेल की सप्लाई बढ़ सकती है। ऐसे में कीमतों का गिरना स्वाभाविक है।
06:26 PM6 मई 2026
तेल की कमाई घटने से सऊदी अरब का बजट घाटा 33.5 अरब डॉलर पहुंचा
सऊदी अरब को ईरान जंग से इस साल की शुरुआत में ही बड़ा आर्थिक झटका लगा है। तेल की कमाई कम होने की वजह से देश का बजट घाटा काफी बढ़ गया है।
सऊदी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, साल के पहले तीन महीनों में सऊदी अरब का बजट घाटा करीब 33.5 अरब डॉलर (125.7 अरब रियाल) तक पहुंच गया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक तरफ सरकार का खर्च बढ़ रहा है और दूसरी तरफ तेल से कमाई घट रही है, जिससे यह घाटा और बढ़ता जा रहा है।
06:01 PM6 मई 2026
रिपोर्ट- लेबनान में सिर्फ नाम का सीजफायर, इजराइली हमले जारी
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान में सीजफायर सिर्फ नाम का रह गया है, जमीन पर हालात बिल्कुल अलग हैं। इजराइल ने लोगों को जगह खाली करने के आदेश दिए गए और कई हवाई हमले भी किए गए।
सबसे खास बात यह है कि अब हमले सिर्फ दक्षिण लेबनान तक सीमित नहीं रहे अब समुद्र किनारे से लेकर अंदरूनी इलाकों तक बमबारी की जा रही है।
वहीं हिजबुल्लाह भी इजराइल पर हमले कर रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने रॉकेट और ड्रोन से हमला किया है। इजराइल ने भी माना है कि उनके कम से कम 2 सैनिक घायल हुए हैं।
05:53 PM6 मई 2026
ट्रम्प की ईरान को चेतावनी- समझौता मानो, नहीं तो बमबारी होगी
ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वो समझौते की बात मान लेता है, तो लड़ाई खत्म हो जाएगी और होर्मुज स्ट्रेट सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा।
लेकिन अगर ईरान नहीं मानता, तो अमेरिका फिर से हमला शुरू करेगा। ट्रम्प ने कहा कि इस बार हमले पहले से ज्यादा बड़े और तेज होंगे।
04:55 PM6 मई 2026
ईरान बोला– जहाज अब होर्मुज से सुरक्षित गुजरेंगे
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से अब जहाजों का आना-जाना सुरक्षित रहेगा। IRGC की नौसेना ने जहाजों के मालिकों और कप्तानों को धन्यवाद दिया है। उनका कहना है कि लोगों ने ईरान के नए नियमों का पालन किया, जिससे हालात अब सामान्य हो रहे हैं।
IRGC ने X पर कहा कि अब खतरे खत्म कर दिए गए हैं और नए नियम लागू हो चुके हैं, इसलिए होर्मुज से जहाज सुरक्षित तरीके से गुजर सकेंगे।
ईरान ने हाल ही में कुछ नए नियम बनाए हैं। इन नियमों के मुताबिक आम और बिना किसी खतरे वाले जहाजों को गुजरने दिया जाएगा। लेकिन अगर कोई जहाज अमेरिकी सेना के लिए हथियार या गोला-बारूद लेकर जाएगा, तो उसे रोका जा सकता है।
04:25 PM6 मई 2026
ईरान-अमेरिका के बीच समझौते की 14 संभावित शर्तें जानिए
ईरान-अमेरिका के बीच जंग रोकने के लिए जो 14 शर्तों का समझौता तैयार किया गया है कि उसके पॉइंट आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। लेकिन जो जानकारी बाहर आई है, उसके मुताबिक प्रस्ताव की शर्तें हैं…
- तुरंत युद्ध रोकने यानी सीजफायर की घोषणा
- 30 दिन तक आगे की बातचीत के लिए तय समय
- होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल करना
- ईरान का कुछ समय तक के लिए न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकना
- अमेरिका धीरे-धीरे प्रतिबंध कम करेगा
- ईरान के जमे हुए अरबों डॉलर जारी किए जाएंगे
- ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा करेगा
- संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे
- अचानक जांच (स्नैप इंस्पेक्शन) की अनुमति होगी
- ईरान अपने हाई लेवल यूरेनियम स्टॉक को बाहर भेजेगा
- भूमिगत परमाणु साइट्स पर रोक या सख्त निगरानी की शर्त
- भविष्य में सीमित स्तर (करीब 3.67%) तक संवर्धन की अनुमति
- अगर ईरान शर्त तोड़े तो समझौते की अवधि बढ़ाने का प्रावधान
- आगे बड़े और स्थायी समझौते के लिए रोडमैप तैयार करना
रिपोर्ट के मुताबिक, यह 14 प्वाइंट वाला ड्राफ्ट समझौता अमेरिका की तरफ से तैयार किया गया है। इस पूरी बातचीत को आगे बढ़ाने में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर की अहम भूमिका है। ये लोग पाकिस्तान और दूसरे मध्यस्थों के जरिए ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं।
04:15 PM6 मई 2026
रिपोर्ट- ईरान जंग 48 घंटे में खत्म हो सकती है
अमेरिका और ईरान में युद्ध खत्म करने और परमाणु बातचीत का रास्ता तय करने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान 48 घंटे के भीतर सीजफायर को लेकर सहमति दे सकता है। हालांकि अभी समझौता फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत पहले से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है।
समझौते की शर्तें जानिए
- सबसे पहले युद्ध खत्म करने की घोषणा होगी
- 30 दिनों तक दोनों देशों की विस्तृत बातचीत होगी
- इसमें होर्मुज, परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील जैसे मुद्दे होंगे
दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए इस्लामाबाद या फिर जिनेवा जैसे शहरों पर विचार हो रहा है।
ड्राफ्ट के मुताबिक, ईरान यूरेनियम प्रोग्राम को कुछ समय के लिए रोक सकता है। बदले में अमेरिका धीरे-धीरे प्रतिबंध कम करेगा और ईरान के जमे हुए अरबों डॉलर जारी कर सकता है। साथ ही, होर्मुज में दोनों तरफ से लगाई गई पाबंदियों में भी ढील दी जाएगी।
हालांकि सबसे बड़ा विवाद यूरोनिय प्रोग्राम रोकने की अवधि को लेकर है। ईरान 5 साल का प्रस्ताव दे चुका है, जबकि अमेरिका 20 साल चाहता था। अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश हो रही है, जिसमें 12 से 15 साल तक की अवधि पर बात चल रही है।
03:26 PM6 मई 2026
होर्मुज में प्रोजेक्ट फ्रीडम रोकने पर पाकिस्तान ने ट्रम्प की तारीफ की
पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ ने होर्मुज स्ट्रेट में प्रोजेक्ट फ्रीडम रोकने पर ट्रम्प की तारीफ की है। शरीफ ने X पर लिखा कि ट्रम्प का यह फैसला बहादुरी भरा और सही समय पर लिया गया है। इससे इलाके में शांति और स्थिरता बढ़ेगी।
03:10 PM6 मई 2026
ट्रम्प के प्रोजेक्ट फ्रीडम रोकने पर ईरान का तंज
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रोजेक्ट फ्रीडम नाम का एक ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोक दिया है। यह ऑपरेशन होर्मुज स्ट्रेट में चल रहा था।
इस फैसले पर पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघद्दम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि जो गलती पहले हो चुकी है, उसे दोहराने पर पछताना पड़ता है।
02:42 PM6 मई 2026
ईरानी विदेश मंत्री बोले- किसी दबाव में समझौता नहीं करेंगे
ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी करेगा, जब वह सबके लिए सही होगा। यह बात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीन की राजधानी बीजिंग में कही।
अराघची ने कहा कि बातचीत में ईरान अपने अधिकारों और हितों की पूरी रक्षा करेगा। उन्होंने दोहराया कि ईरान किसी भी दबाव में समझौता नहीं करेगा और केवल ऐसा समझौता स्वीकार करेगा जो दोनों पक्षों के लिए सही हो।
02:24 PM6 मई 2026
चीन बोला- अब जंग रोकना बहुत जरूरी

बीजिंग में बुधवार को चीन और ईरान के नेताओं की बैठक हुई।
चीन ने ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर कहा है कि अब तुरंत युद्ध रोकना जरूरी है। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संघर्ष का पूरी तरह खत्म होना बेहद जरूरी है और इसमें देर नहीं होनी चाहिए।
बीजिंग ने यह भी उम्मीद जताई है कि ईरान और अमेरिका जल्द ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय की उस अपील पर ध्यान देंगे, जिसमें होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित गुजरने की मांग की गई है। यह रास्ता दुनिया के तेल कारोबार के लिए बेहद अहम माना जाता है और यहां जारी तनाव से वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ रहा है।
चीन ने यह भी दोहराया कि वह ईरान का एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बना हुआ है, जिसमें ऊर्जा और व्यापार अहम भूमिका निभाते हैं।
01:41 PM6 मई 2026
ईरान जंग शुरू होने के बाद होर्मुज में जहाजों पर 26 हमले हुए

थाईलैंड का झंडा वाले कैरियर सिफ मयूरी नारी पर 11 मार्च को हमला हुआ था।
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर समुद्री रास्तों पर साफ दिख रहा है। ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी UKMTA के मुताबिक, ईरान से संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक जहाजों पर 26 हमले हो चुके हैं।
एजेंसी का कहना है कि 28 फरवरी के बाद से उसे कुल 46 घटनाओं की जानकारी मिली है। ये घटनाएं फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हुई हैं।
इन 46 घटनाओं में से 26 सीधे हमले थे। इसके अलावा 18 मामलों में संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं, जबकि 2 घटनाओं में जहाजों के अपहरण की भी रिपोर्ट सामने आई है।
01:15 PM6 मई 2026
होर्मुज में फ्रांसीसी जहाज पर हमला, कुछ कर्मचारी घायल

होर्मुज में एक फ्रांसीसी जहाज पर हमला होने की खबर है। CNN के मुताबिक फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM ने बताया कि उसके एक कार्गो जहाज पर हमला हुआ है, जिसमें कुछ क्रू मेंबर घायल हो गए।
कंपनी के मुताबिक, उसका जहाज सैन एंटोनियो मंगलवार को होर्मुज से गुजर रहा था। इसी दौरान जहाज पर किसी मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ। इस हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा और कुछ कर्मचारियों को चोट आई।
कंपनी ने कहा है कि घायल क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है।
12:51 PM6 मई 2026
अमेरिका का ईरान के खिलाफ प्रस्ताव, वीटो न करने की अपील
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान को लेकर मंगलवार को एक नया प्रस्ताव पेश किया है। इसका मकसद होर्मुज को खोलने और ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने से जुड़ा है।
इसे खाड़ी के कई देशों का समर्थन बताया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर फिलहाल बंद कमरे में चर्चा चल रही है और अभी तक वोटिंग नहीं हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन और रूस से अपील की है कि वे इस बार वीटो न करें।
इससे पहले अमेरिका ने 7 अप्रैल को एक प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी, जिसमें ईरान पर दबाव बनाने की बात थी, लेकिन चीन और रूस ने मिलकर उसे वीटो कर दिया था। उनका कहना था कि इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो इसके कई असर हो सकते हैं। ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, और कुछ स्थितियों में बल प्रयोग की अनुमति तक दी जा सकती है, अगर ईरान नियमों का पालन नहीं करता।
12:28 PM6 मई 2026
होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी अहम घटनाएं
4 मार्च: ईरान ने हॉर्मुज पर कंट्रोल की घोषणा की और कहा कि यह रास्ता उसके दुश्मनों के लिए बंद हो चुका है।
8 अप्रैल: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बनी, लेकिन ईरान ने होर्मुज को बंद ही रखा। उसने आरोप लगाया कि इजराइल अब भी लेबनान में हमले कर रहा है।
13 अप्रैल: पाकिस्तान में शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। इसके बाद अमेरिका ने भी होर्मुज के दूसरे तरफ नाकेबंदी शुरू कर दी।
2 मई: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू करने का ऐलान किया, जिसका मकसद होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षा देकर निकालना है।
4 मई: प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू। अमेरिकी नेवी ने होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालना शुरू किया। नाराज ईरान ने जहाजों पर हमले किए।
5 मई: राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रोजेक्ट फ्रीडम बंद करने का ऐलान किया। अमेरिका 2 दिन में सिर्फ 3 जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर पाया।
12:00 PM6 मई 2026
ट्रम्प का प्रोजेक्ट फ्रीडम कैसे फेल हुआ
ट्रम्प ने होर्मुज में फंसे जहाजों को निकालने के लिए सोमवार को प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया था। लेकिन कल रात इसे बंद कर दिया गया। इस दौरान सिर्फ 3 जहाजों को अमेरिका सुरक्षित निकाल पाने में कामयाब हो सका।
ईरान ने इस बीच अमेरिकी वॉरशिप पर फायरिंग की ताकि उन्हें होर्मुज में आने से रोका जा सके। वहीं अमेरिका ने जवाब में दावा किया कि उसने ईरान की छोटी नौकाओं को डुबो दिया। इससे युद्धविराम पर खतरा बढ़ गया था।
28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से ही होर्मुज में आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है। खाड़ी क्षेत्र में 1550 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं, जिन पर करीब 22,500 नाविक मौजूद हैं। सप्लाई कम होने लगी है और नाविकों की मानसिक और शारीरिक सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि इस ऑपरेशन में गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर, 100 से ज्यादा हवाई और समुद्री विमान, ड्रोन और करीब 15 हजार सैनिक लगाए गए थे। कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक 87 देशों के जहाज इस इलाके में फंसे हुए हैं और अमेरिका ने कई शिपिंग कंपनियों से संपर्क किया था ताकि आवाजाही शुरू कराई जा सके।
शुरुआत में यह साफ नहीं था कि अमेरिका जहाजों को सैन्य सुरक्षा देकर बाहर निकालेगा या नहीं। कई एक्सपर्ट्स का मानना था कि अमेरिका सीधे एस्कॉर्ट देने की बजाय हवाई सुरक्षा और ड्रोन या मिसाइल हमलों से बचाव पर ज्यादा ध्यान देगा।
टैंकर कंपनियों के संगठन इंटरटैंको के अधिकारी टिम विल्किंस ने कहा कि ट्रम्प सरकार ने इस ऑपरेशन के लिए समन्वय नहीं बनाया, जिससे जहाज मालिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह ऑपरेशन बहुत जोखिम भरा और तनाव बढ़ाने वाला कदम था। अगर इससे कुछ जहाज निकल भी जाते, तो यह सिर्फ अस्थायी राहत होती, स्थायी समाधान के लिए बड़े कदम जरूरी हैं।
11:39 AM6 मई 2026
चीनी विदेश मंत्री से मिले ईरानी विदेश मंत्री
बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच अहम बैठक हुई। इस बातचीत का मुख्य फोकस होर्मुज को खोलने और मौजूदा युद्ध को खत्म करने के रास्ते पर रहा।
अराघची का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14-15 मई को बीजिंग आने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी। इस बैठक में ट्रेड डील के साथ-साथ पश्चिम एशिया का मुद्दा भी उठेगा।
11:18 AM6 मई 2026
ईरान बोला- अमेरिका बेइज्जती न करने की गारंटी दे, तभी वर्ल्डकप खेलेंगे

ईरान की फुटबॉल फेडरेशन के चीफ मेहदी ताज ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका यह गारंटी नहीं देता कि वह ईरान की सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का अपमान नहीं करेगा, तो ईरान वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगा।
उन्होंने कहा कि टीम तभी जाएगी जब अमेरिका इस बात का भरोसा देगा कि खासकर IRGC के खिलाफ कोई अपमानजनक व्यवहार नहीं होगा। मेहदी ताज पहले IRGC में रह चुके हैं। अब समस्या यह है कि अमेरिका IRGC को आतंकी संगठन मानता है।
ऐसे में जब ईरान की टीम, अधिकारी या सपोर्ट स्टाफ वर्ल्ड कप के लिए अमेरिका जाएंगे, तो उन्हें लेकर सुरक्षा, वीजा और व्यवहार से जुड़े विवाद खड़े हो सकते हैं। ईरान को डर है कि अमेरिका उनके खिलाड़ियों या अधिकारियों के साथ सख्ती कर सकता है, या IRGC से जुड़े लोगों का अपमान हो सकता है।
इसी वजह से ईरान पहले से गारंटी चाहता है कि उसके खिलाड़ियों और उससे जुड़ी संस्थाओं के साथ कोई अपमानजनक या भेदभाव वाला व्यवहार नहीं होगा।
इस बार फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 तीन देशों में हो रहा है। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको।
10:35 AM6 मई 2026
ज्यादातर इजराइली ईरान के साथ जंग खत्म करने के पक्ष में नहीं
इजराइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के एक सर्वे के मुताबिक, इजराइल में ज्यादातर लोग अभी ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं।
सर्वे में सामने आया कि करीब 59 फीसदी इजराइली मानते हैं कि इस समय युद्ध खत्म करना उनके देश की सुरक्षा के हित में नहीं होगा।
खास तौर पर यह राय यहूदी समुदाय में ज्यादा मजबूत है, जहां करीब दो-तिहाई लोगों ने कहा कि अभी युद्ध रोकना उनके सुरक्षा हितों से मेल नहीं खाता।
वहीं इजराइल के अरब नागरिकों की राय बंटी हुई दिखी। लगभग आधे लोगों का मानना है कि अगर अभी युद्ध खत्म किया जाए, तो इससे इजराइल के हितों को काफी हद तक फायदा होगा।
सर्वे यह भी दिखाता है कि करीब 62 फीसदी लोगों को लगता है कि आने वाले समय में इजराइल और ईरान के बीच फिर से बड़े स्तर पर संघर्ष हो सकता है।
51 फीसदी इजराइली मानते हैं कि उनके रक्षा फैसलों पर उनकी अपनी सरकार से ज्यादा असर अमेरिका का होता है। अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 44 फीसदी था, यानी अब अमेरिका के प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ी है।
10:16 AM6 मई 2026
बीजिंग में चीन-ईरान के बीच बैठक शुरू

बीजिंग में चीनी समकक्ष के साथ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची।
बीजिंग में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बैठक शुरू हो गई है। इस बातचीत के केंद्र में दो बड़े मुद्दे हैं। युद्धविराम को बनाए रखना और होर्मुज को फिर से खोलना।
अल जजीरा के मुताबिक ये दोनों ही मुद्दे चीन की प्राथमिकता में हैं और वह लगातार इन पर खुलकर बोलता रहा है। वह ईरान के बंदरगाहों पर लगाई गई अमेरिकी नाकेबंदी को पहले ही खतरनाक बता चुका है। लेकिन अब वह ईरान की भी आलोचना कर रहा है, क्योंकि होर्मुज बंद रखने से वैश्विक व्यापार पर असर पड़ रहा है।
बीजिंग इस बैठक में ईरान से साफ-साफ जानना चाहता है कि अगर वह होर्मुज बंद रखता है, तो चीन किस हद तक उसका साथ दे सकता है। खासकर संयुक्त राष्ट्र में, जहां नए प्रतिबंधों को रोकने के लिए ईरान को चीन के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
वहीं ईरान भी चीन से स्पष्ट जवाब चाहता है। उसे यह जानना है कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बीजिंग आएंगे, तब चीन क्या रुख अपनाएगा। कहीं ऐसा तो नहीं कि अमेरिका के साथ बातचीत में चीन कोई ऐसी रियायत दे, जिससे ईरान असहज हो जाए।
इसके बदले चीन भी अपनी तरफ से आश्वासन चाहता है कि ट्रम्प की अहम यात्रा से पहले ईरान कोई बड़ा या आक्रामक कदम नहीं उठाएगा।
09:51 AM6 मई 2026
ईरानी नेता बोले- मौजूदा समय में समय सबसे बड़ा हथियार
ईरान की संसद के स्पीकर के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा संघर्ष में ‘समय’ सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि सबसे अहम रणनीति यह है कि दुश्मन की तय टाइमिंग को बिगाड़ दिया जाए।
महदी मोहम्मदी के मुताबिक, अभी यही हो रहा है। डोनाल्ड ट्रम्प का संतुलन बिगड़ रहा है, क्योंकि उनके हिसाब से जो ‘युद्ध का तय समय’ था, वह अब खत्म होने के करीब है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाला समय ईरान के हाथ में है और दुश्मन की ताकत धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है।
09:38 AM6 मई 2026
शांति समझौते की उम्मीद से तेल कीमतों में गिरावट
तेल की कीमतों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति समझौते के संकेत के बाद मिडिल ईस्ट में रुकी हुई सप्लाई फिर से शुरू होने के उम्मीद है।
रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड 1.52 डॉलर यानी 1.38 फीसदी गिरकर 108.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वहीं अमेरिकी क्रूड WTI 1.50 डॉलर यानी 1.47 फीसदी गिरकर 100.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि वे होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए चल रहे ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोकेंगे। साथ ही ईरान के साथ एक बड़े समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है। हालांकि ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगी।
09:28 AM6 मई 2026
ईरान बोला- होर्मुज में जो तय रास्ता है वही इस्तेमाल करें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी ने होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को सख्त चेतावनी दी है। कहा गया है कि जहाज सिर्फ उसी रास्ते का इस्तेमाल करें, जिसे तेहरान ने तय किया है। अगर कोई जहाज इस रूट से हटता है, तो उसके साथ सख्ती बरती जाएगी। IRGC ने अपने बयान में कहा कि किसी भी दूसरे रास्ते पर जाना असुरक्षित है।
09:11 AM6 मई 2026
चीन से गारंटी चाहता है ईरान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार चीन का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे पहले ही अपने चीनी समकक्ष वांग यी से कम से कम तीन बार फोन पर बात कर चुके हैं।
इस दौरे में दो बड़े मुद्दे सबसे अहम रहने वाले हैं। पहला, युद्धविराम को बनाए रखना और दूसरा, होर्मुज को फिर से खोलना। इन दोनों ही मुद्दों पर चीन पहले से ही खुलकर अपनी चिंता जाहिर करता रहा है।
होर्मुज को लेकर चीन का रुख थोड़ा संतुलित लेकिन सख्त है। एक तरफ उसने ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी की आलोचना की है, तो दूसरी तरफ उसने इस जलमार्ग को बंद करने में ईरान की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
अब तेहरान की कोशिश होगी कि अगर वह इस जलमार्ग को दोबारा खोलने पर राजी होता है, तो बदले में चीन से उसे कितना समर्थन मिलेगा। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि अगर ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की कोशिश होती है, तो क्या चीन संयुक्त राष्ट्र में उसका साथ देगा या नहीं।
08:53 AM6 मई 2026
ईरान ने UAE को दुश्मनों को मदद नहीं देने की चेतावनी दी
ईरान ने साफ कहा है कि अगर UAE की जमीन से अमेरिका या इजराइल ने ईरान के द्वीपों, बंदरगाहों या तटीय इलाकों पर हमला किया, तो उसका बहुत कड़ा जवाब दिया जाएगा।
IRGC के बड़े कमांड सेंटर खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने UAE को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने देश को अमेरिका और इजराइल की सेना के इस्तेमाल के लिए बेस न बनने दे। उनका आरोप है कि ऐसा करना इस्लामी दुनिया के साथ ‘गद्दारी’ जैसा होगा।
08:13 AM6 मई 2026
तेहरान की सड़कों पर जंग से जुड़ी तस्वीरें

तेहरान में शनिवार को एक महिला अमेरिका विरोधी बिलबोर्ड के पास से गुजरती हुई। इसमें राष्ट्रपति ट्रम्प की मूंछ को होर्मुज स्ट्रेट के रूप में दर्शाया गया है।

तेहरान में लोग एक बिलबोर्ड के पास से गुजरते हुए। इसमें एक कार्टून के जरिए ट्रम्प को एक सोफे पर नशे में सोते हुए दिखाया गया है, ताकि यह बताया जा सके कि अमेरिका लापरवाह या कमजोर हो गया है। इस फोटो में फारसी में लिखा है- अमेरिका की शक्ति कमजोर हो चुकी है और उसके फैसले गलत दिशा में जा रहे हैं।

यह फोटो ट्रम्प का व्यंग्यात्मक कार्टून है। ट्रम्प की नाक बहुत लंबी बनाई गई है और उस पर एक काला कौवा बैठा है। इसका मतलब यह दिखाना है कि ट्रम्प झूठ बोलते हैं या उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। पोस्टर पर फारसी में लिखा है- अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर दुनिया में दखल देता है, लेकिन असल में वह अपनी ताकत और असर बढ़ाने की कोशिश करता है।

राजधानी तेहरान में एक सड़क को अमेरिकी और इजराइली झंडों के रंग में रंग दिया गया है। एक मोटरसाइकल सवार वहां से गुजर रहा है।

तेहरान की एक सड़क पर एक ईरानी महिला अमेरिका और इजराइल विरोधी म्यूरल के पास से गुजरती हुई।
08:02 AM6 मई 2026
इराक ने 3100 रुपए प्रति बैरल तेल खरीदने का ऑफर दिया
अमेरिकी नाकाबंदी के बीच इराक ने पूरी दुनिया के लिए एक ऑफर दिया है। इराक का कहना है कि इसके लिए होर्मुज में आना होगा। यहां इराक के टैंकरों से लगभग 3100 रुपए में एक बैरल क्रूड ऑयल दिया जाएगा। बसरा ग्रेड का ये ऑयल काफी अच्छा माना जाता है।
बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड के एक बैरल का बाजार भाव अभी लगभग 11 हजार रुपए है। एक बैरल में 159 लीटर ऑयल होता है।
UAE के ओपेक (तेल उत्पादक देशों के संगठन) से निकलने के बाद इराक को अपने निर्यात की चिंता सता रही है।
इराक की इकोनॉमी 90% क्रूड ऑयल के निर्यात पर टिकी हुई है। यहां अमेरिकी कंपनियां हैलीबर्टन और एसएलबी निर्यात में शामिल हैं। इराक का मानना है कि अमेरिका उसके संभावित खरीदारों को नेवल सिक्योरिटी देगा।
07:45 AM6 मई 2026
रिपोर्ट: अमेरिका ने कहा जंग खत्म, लेकिन असलियत कुछ और
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के खत्म होने का ऐलान किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अमेरिका भले कह रहा हो कि जंग खत्म हो गई है, लेकिन असलियत कुछ और दिखती है। मिसाइलें अभी भी चल रही हैं और अमेरिका व ईरान दोनों ही दावा कर रहे हैं कि होर्मुज पर उनका कंट्रोल है।
रुबियो कह रहे हैं कि मिशन सफल हो गया, लेकिन जमीन पर ऐसा नहीं दिखता। करीब 38 दिन की लड़ाई में अमेरिका ने करीब 13,000 ठिकानों पर हमला किया, लेकिन सिर्फ हमले करना ही लक्ष्य नहीं था।
ट्रम्प ने खुद 28 फरवरी को अपने मकसद बताए थे। उन्होंने कहा था कि ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने देना है, उसकी मिसाइल ताकत खत्म करनी है, उसकी नौसेना को कमजोर करना है, हिज्बुल्लाह और हमास जैसे संगठनों को मिलने वाली मदद रोकनी है, और आखिरी में वहां की जनता को अपनी सरकार बदलने का मौका देना है।
अब अमेरिका भले कह रहा हो कि उनका मकसद पूरा हो गया, लेकिन हकीकत में उसके कई बड़े लक्ष्य अभी पूरे नहीं हुए हैं। इसलिए मामला अभी खत्म नहीं हुआ है, बस उसे खत्म दिखाने की कोशिश हो रही है।
07:37 AM6 मई 2026
अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- ईरान के खिलाफ जंग खत्म

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवालों का जवाब देते हुए।
अमेरिका ने ईरान के साथ जंग खत्म करने का ऐलान किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म हो चुका है और अमेरिका अपने मकसद हासिल कर चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज में जहाजों को निकालने वाला जो मिशन चल रहा था, वो सिर्फ सुरक्षा और मानवीय मदद के लिए था, लड़ाई के लिए नहीं। हालांकि, ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने के लिए अमेरिकी नाकेबंदी अभी भी जारी रखी गई है।
07:24 AM6 मई 2026
ईरान बोला- खाड़ी देश अमेरिका के भरोसे रहना बंद करें
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने मंगलवार को खाड़ी देशों से कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए बाहरी देशों (अमेरिका) पर निर्भर रहना बंद करें। उन्होंने प्रेस TV से बातचीत में कहा कि खाड़ी रीजन में अमेरिकी सेना की मौजूदगी सुरक्षा नहीं बल्कि खतरा बढ़ाती है।
बघई ने आरोप लगाया कि अमेरिका खाड़ी देशों में अपनी सेना और संसाधनों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले के लिए कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का इस क्षेत्र के किसी देश से दुश्मनी नहीं है। ईरान ने जो भी कार्रवाई की वह अपनी रक्षा के लिए की।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि ईरान अब समझौता करना चाहता है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर यह युद्ध नहीं होता तो ईरान पूरे मिडिल ईस्ट पर कब्जा करने की कोशिश करता। उन्होंने कहा कि अब ईरान अपने हालात संभालने में लगा है।
07:18 AM6 मई 2026
होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर फिर हमला
होर्मुज स्ट्रेट में एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है। यूनाइटेड किंगडम मरीन ट्रेड ऑपरेशन्स यानी UKMTO ने बुधवार सुबह यह जानकारी दी। हालांकि अभी पता नहीं है कि कि जहाज किस देश का था या उस पर कितने लोग सवार थे। जहाज पर किस चीज से हमला हुआ है, इसकी जानकारी भी अभी नहीं मिली है।
07:13 AM6 मई 2026
पोप लियो से मिलेंगे अमेरिकी विदेशमंत्री मार्को रूबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो गुरुवार को पोप लियो से मुलाकात कर सकते हैं। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब हाल ही में पोप और ट्रम्प के बीच ईरान युद्ध को लेकर मतभेद सामने आए थे।
इस बातचीत में दोनों पक्षों के बीच अमेरिकी नीतियों पर खुलकर बातचीत होगी। वेटिकन में अमेरिका के राजदूत ने कहा है कि यह बातचीत सीधी और स्पष्ट होगी।
कुछ समय पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोप लियो की आलोचना करते हुए उन्हें बेहद खराब बताया था। यह बयान तब आया जब पोप ने ईरान पर अमेरिकी हमले की आलोचना की थी।
इसके दो दिन बाद ट्रम्प ने एक और पोस्ट में कहा कि कोई पोप लियो को ईरानी प्रदर्शनकारियों की मौत के बारे में बताए।
इस पर जवाब देते हुए पोप लियो ने कहा, ‘मैं हर उस कार्रवाई की निंदा करता हूं जो अन्यायपूर्ण है। मैं लोगों की जान लेने की भी निंदा करता हूं।’
07:01 AM6 मई 2026
चीन दौरे पर पहुंचे ईरानी विदेशमंत्री

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (बाएं) और चीन के विदेश मंत्री वांग यी। (फाइल फोटो)
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची आज चीन की राजधानी बीजिंग के दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान वह चीनी विदेशमंत्री वांग यी से मुलाकात करेंगे।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब करीब 10 दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बीजिंग जाने वाले हैं, इसलिए इसे काफी अहम माना जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस बैठक में दोनों नेता आपसी संबंधों और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा करेंगे।
इससे पहले अराघची 27 अप्रैल को रूस गए थे और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी।





