ISI का देश में दहशत फैलाने का ‘गैंगस्टर प्लॉन’… पाकिस्तान से जुड़े हैं लॉरेंस बिश्नोई-काला जठेड़ी के तार!

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए (NIA) को खबर मिली कि देश के बड़े गैंगस्टर्स को सप्लाई हो रहे हैं हथियार। पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में हथियार लॉरेंस बिश्नोई, काला जठेड़ी, नीरज बवाना जैसे गैंगस्टर्स को मुहैया करवाए जाते हैं और फिर देश के अंदर होता है दहशत फैलाने का प्लान तैयार। एनआईए की टीम ने देशभर में 70 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब और उत्तर प्रदेश में ये छापेमारी हुई। एनआई के साथ बड़ी संख्या में सेंट्रल फोर्स इस छापेमारी में मौजूद थी। कहा जा रहा है कि इस रेड में बड़ी संख्या में विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।

पूरे देश में फैला है बिश्नोई का क्राइम सिंडिकेट

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कैसे आईएसआई इन गैंगस्टर्स की मदद से देश में आतंक फैलाने की तैयारी कर रहा था। क्या थे नापाका इरादे वो हम आपको बताए उसके पहले जान लीजिए देश के उन गैंगस्टर्स को जिनके साथ आईएसआई के तार जुड़े हैं।लॉरेंस बिश्नोई की गिनती देश के बड़े गैंगस्टर्स में होती है। पिछले दस सालों में लॉरेंस ने अपना क्राइम सिंडिकेट तैयार कर लिया है जिसकी पहुंच पूरे देश तक है। छोटे-बड़े कई क्राइम में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आता रहता है। बेहद छोटी उम्र में लॉरेंस ने अपराध की दुनिया में अपनी जड़े काफी गहरी कर ली हैं। पंजाब के फाजिल्का में जन्मे इस गैंगस्टर के ऊपर 200 से ज्यादा अपराध दर्ज हैं।

रिंदा ने जोड़े ISI और लॉरेंस बिश्नोई की बीच तार

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लॉरेंस बिश्नोई पिछले कुछ सालों से जेल में बंद हैं, लेकिन जेल से ही ये अपने सिंडिकेट को चलाता है और उसके इस काम में उसका साथ देते हैं दो गैंगस्टर। काला जठेड़ी और गोल्डी बरार। संदीप उर्फ काला जठेड़ी जो हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है उसने संभाला था मलेशिया और दुबई का कारोबार जबकि गोल्डी बरार कनाडा से दे रहा था लॉरेंस बिश्नोई को मदद। इसके अलावा लॉरेंस का दोस्त हरविंद सिंह ऊर्फ रिंदा भी पाकिस्तान में बने हथियार लगातार मुहैया करवाने में अहम भूमिका निभा रहा है। रिंदा पाकिस्तान में रहकर आईएसआई के लिए काम कर रहा है और वो लॉरेंस बिश्नोई का काफी करीबी माना जाता है।

पाकिस्तान से जुड़ा है सिंगर मूसेवाला हत्याकांड

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पिछले साल मई में हुए सिंगर मूसेवाला मर्डर केस में लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आया था। इसी दौरान छानबीन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खुलासा किया था तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई इंडियन मुजाहिदीन के फोन नंबर का इस्तेमाल कर रहा था। लॉरेंस बिश्नोई के इसी नंबर पर सिंगर मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी बरार का फोन आया था। मूसेवाला हत्याकांड के बाद दिल्ली पुलिस ने बिश्नोई गैंग के कई गुर्गो को गिरफ्तार किया था। उनमें से गुरदास पुर के रहने वाले दो भाई हीरा सिंह और लखमीर सिंह भी शामिल थे। इनके पास मूसेवाला हत्याकांड के बाद पाकिस्तान और दुबई से कई फोन कॉल आए थे।

ISI कर रहा था गैंगस्टर्स को फंडिंग

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एनआई और दिल्ली पुलिस की स्पेशल लगातार इन गैंगस्टर्स की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। एनआईए की टीम ने लॉरेंस बिश्नोई से भी पूछताछ की और उसने खुद पाकिस्तान से अपने कनेक्शन को कबूल किया। उसने बताया कि आईएएसआई देश में नाबालिग बच्चों को क्राइम सिंडिकेट में जोड़ने के लिए फंडिंग करता है। इसके अलावा तरह-तरह के हथियार भी गैंग को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान से दिए जा रहे हैं। ये लोग सोशल साइट्स जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलेग्राम इस्तेमाल करते थे। कोड वर्ड में ही इन के गैंग में बात होती थी। लॉरेंस गैंग के अलावा नीरज बवाना और दूसरे गैंगस्टर्स को भी ऐसे ही आईएसआई पैसा और हथियार दे रहा है।

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