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जयशंकर बोले- PoK को फिर भारत का हिस्सा बनाएंगे:विदेश मंत्री ने कहा- देश इसे भूला नहीं, सबको पता- यहां बाहरियों का कंट्रोल कैसे हुआ

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जयशंकर बोले- PoK को फिर भारत का हिस्सा बनाएंगे:विदेश मंत्री ने कहा- देश इसे भूला नहीं, सबको पता- यहां बाहरियों का कंट्रोल कैसे हुआ

विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिन के चुनाव प्रचार के लिए ओडिशा गए थे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार (5 मई) को ओडिशा दौरे में PoK को भारत का हिस्सा बताया है। लोग PoK को भूला चुके थे। लेकिन, लोग अब इसे फिर से देश का हिस्सा बनाना चाहते हैं।

ओडिशा के कटक में जयशंकर से पूछा गया कि वो भारत के PoK की योजना के बारे में क्या सोचते है? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि PoK कभी देश से बाहर नहीं रहा, वो भारत का ही हिस्सा है।

अब आपको पता है कि PoK पर बाहरी लोगों का (पाकिस्तान) कैसे नियंत्रण हुआ था। आप जानते है जब घर की जिम्मेदारी के लिए कोई सही संरक्षक नहीं होता तो बाहरी (पाकिस्तान) चोरी कैसे करते। यही हुआ और संरक्षक ने बाहरी को घर में घुसने की इजाजत दे दी थी।

विदेश मंत्री एस जयशंकर रविवार को ओडिशा के कटक में थे।

PoK पर ध्यान नहीं दिया गया
जयशंकर ने बताया कि पाकिस्तान की आजादी के शुरुआती सालों में इन क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दिया गया, जिस कारण यहां (PoK) में हालात खराब हो गए। भविष्य में क्या होगा? यह बताना बहुत मुश्किल है। लेकिन, मैं एक बताना चाहता हूं कि देश की जनता PoK को नहीं भूली है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को पहले ही हट जाना चाहिए था। 370 से पहले कश्मीर में अलगाववाद और उग्रवाद था। विदेश मंत्री इन दिनों ओडिशा के दौरे पर हैं। वो यहां BJP के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात कर चुनाव को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

370 हटने के बाद पत्थरबाजी खत्म, आतंकी हमलों में कमी
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 को खत्म कर दिया था। इसके साथ ही राज्य को 2 हिस्सों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 23 याचिकाएं दायर की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने भी 11 दिसंबर को सरकार के फैसले को सही ठहराया था।

आर्टिकल-370 हटने के बाद कश्मीर में क्या बदला
पत्थरबाजी: सरकार के मुताबिक, 2018 में कश्मीर में पत्थरबाजी की 1767 घटनाएं हुई थीं। 2023 में ऐसी एक भी घटना नहीं हुई।

आतंकवाद: 2018 से 2022 के बीच आतंकी गतिविधियों में 45.2% की कमी आई है। 2018 में इसके 143 मामले सामने आए थे, 2022 में ये 14 रह गए।

टूरिज्म: 2023 में जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड 2 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट आए। 2022 में यहां 1.88 करोड़ टूरिस्ट आए थे।

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