Navjot Singh Sidhu Resign: नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन का हमला, बोले- मैंने कहा था वह स्थिर व्यक्ति नहीं

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नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में चल रहे घमासान के बीच एक बार फिर नया मोड़ आ गया है. मंगलवार को पार्टी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने 72 दिन बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, उन्होंने कहा है कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे खत में कहा कि वे कांग्रेस पार्टी के सदस्य बने रहेंगे. वहीं सिद्धू के इस्तीफा देने पर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनपर हमला बोला है.
कैप्टन ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैंने तुमसे कहा था…वह स्थिर व्यक्ति नहीं है और पंजाब के सीमावर्ती राज्य के लिए उपयुक्त नहीं है. बता दें कि इससे पहले अमरिंदर सिंह, सिद्धू पर इस तरह का हमला करते रहे हैं. कुछ दिन पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया था. उसके बाद से सिद्धू पर सुपर सीएम होने के आरोप लग रहे थे.
मैं पंजाब के भविष्य को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता:
नवजोत सिंह सिद्धू ने सोनिया गांधी को भेजी अपनी चिट्ठी में कहा है कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है, मैं पंजाब के भविष्य को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं. इसीलिए मैं पंजाब प्रदेश अध्यक्ष के पद से तुरंत इस्तीफा देता हूं. उन्होंने आगे लिखा, इसलिए मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं. मैं कांग्रेस की सेवा करता रहूंगा.
नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के चंद घंटे बाद ही सिद्धू ने दिया इस्तीफा:
आपको बता दें कि आज नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के चंद घंटे बाद ही सिद्धू ने सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया. इसके पीछे वजह उनकी नाराजगी बताई जा रही है. दरअसल, राहुल गांधी ने पंजाब में मंत्रियों के नाम तय किए गए तब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बातचीत कर इसका फैसला किया. इसमें कहीं भी नवजोत सिंह सिद्धू को शामिल नहीं किया गया. पहले दिन की मीटिंग में उन्हें जरूर बुलाया गया लेकिन जब राहुल गांधी शिमला से लौटकर आए तब की मीटिंग में सिद्धू को शामिल नहीं किया गया. यानी मंत्रियों के नाम तय करने में हाईकमान ने उन्हें शामिल नहीं किया.

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