महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के नव-नियुक्त कुलगुरु प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई ने किया पदभार ग्रहण

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बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के नव-नियुक्त कुलगुरु प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई ने आज दिनांक 25-09-2026 को कुलगुरु पद का दायित्व ग्रहण किया।
माननीय राज्यपाल,राजस्थान एवं कुलाधिपति महोदय ने दिनांक 24 सितम्बर, 2026 को आदेश जारी कर प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई को तीन वर्ष की अवधि अथवा सत्तर वर्ष जो भी पहले हो तक के लिए महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय का कुलगुरु नियुक्त किया है।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा ने बताया कि प्रोफेसर बिश्नोई को उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में 30 वर्षो का अनुभव प्राप्त है। इससे पूर्व प्रोफेसर बिश्नोई गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार एवं चैधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलपति पद पर रहकर महत्वपूर्ण अकादमिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके है। प्रो. बिश्नोई का पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, जैव ऊर्जा एवं जैव उपचार तथा पर्यावरणीय स्थिरता प्रमुख शोध क्षेत्र रहे है। उनके द्वारा 298 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध पत्र/लेख एवं पुस्तके प्रकाशित करवाई जा चुकी है। उनका स्कोपस H इंडेक्स 41 एवं गूगल स्कॉलर H इंडेक्स 50 है प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु पद का दायित्व ग्रहण किया
प्रोफेसर बिश्नोई ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से रुबरू होते हुए कहा कि मेरा विद्यार्थियों से आग्रह है कि वे निरन्तर कक्षाओं में उपस्थित होकर अध्ययन करे। साथ ही महाविद्यालयों से आह््वान किया कि वे महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियमानुसार नियुक्ति सुनिश्चित कर अध्यापन कार्य को सुदृढ़ करे।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आज दिवस के अवसर पर उन्हें पुष्पाजंलि अर्पित करते हुए अंत्योदय योजना जो भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसका उद््देश्य कौशल विकास और आजीविका के अवसरों को बढ़ाकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गरीबी को कम करना है। उस योजना के तहत विद्यार्थियों को कौशल विकास एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाये जाएगे तथा उन्हें अध्ययन के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भेजकर प्रशिक्षण भी करवाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रोफेसर बिश्नोई ने इस अवसर पर कहा कि विश्वविद्यालय में नवीन रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम, नियमित शिक्षकों की भत्र्ती, अनुप्रयुक्त अनुसंधान पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा पी.एम. उषा योजना से प्राप्त होने वाले अनुदानों से विश्वविद्यालय विभागों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाते हुए विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर को हरा-भरा एवं प्रदूषण मुक्त रखना मेरी प्राथमिकता होगी।

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