ब्यावर का अग्निवीर जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद:8 मई को होगा अंतिम संस्कार; डेढ़ महीने पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे
ब्यावर

ब्यावर जिले के लगेतखेड़ा गांव निवासी अग्निवीर युवराज सिंह चौहान (26) बुधवार को जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। उनकी पार्थिव देह शुक्रवार को गांव आने की संभावना है। शुक्रवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पिता प्रताप सिंह को बुधवार सुबह आर्मी हेडक्वार्टर से फोन करके युवराज के शहीद होने की सूचना दी गई थी। युवराज की शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक छा गया। युवराज 17 फरवरी 2022 को भारतीय सेना में बतौर अग्निवीर भर्ती हुए थे। उन्होंने जबलपुर, गोवा और पठानकोट सहित विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में सेवाएं दीं। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू के अखनूर सेक्टर में थी।

एक दिन पहले हुई थी परिजन से बातचीत
पिता ने बताया- युवराज 15 फरवरी 2026 को एक महीने की छुट्टी पर गांव आए थे। 19 मार्च 2026 को अखनूर लौटे थे। इस दौरान उन्होंने बताया था कि अब केवल चार महीने की सर्विस (ड्यूटी) बची है।
परिजन ने बताया कि युवराज ने 5 मई की रात ड्यूटी पर जाने से पहले फोन किया था। उन्होंने पूरे परिवार के हाल-चाल भी पूछे थे। हमने आज सुबह 11 बजे कॉल किया था, लेकिन फोन बंद आ रहा था।
युवराज के एक छोटा भाई और बहन है। उनके पिता प्रताप सिंह बीजेपी के मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं।

अग्निवीर युवराज सिंह के शहीद होने की खबर के बाद उनके घर पहुंचे ग्रामीण।
सेना में भर्ती होकर सपना साकार किया
युवराज सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण शहीद के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि युवराज सिंह बचपन से ही देश सेवा का जज्बा रखते थे। उन्होंने सेना में भर्ती होकर अपने सपने को साकार किया था।





