गंगाशहर सेटेलाइट अस्पताल में गायनी डॉ. खुशबू की नियमित सेवाएं बहाल, प्रसूति विभाग हेतु 6 प्रशिक्षु मिड वाइफरी की नियुक्ति, नेत्र चिकित्सक डॉ. उर्मिला जयपाल व 2 अन्य नेत्र चिकित्सकों की 15-15 दिनों के रोटेशन से नियुक्ति

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बीकानेर। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेन्द्र वर्मा ने राजकीय सेटेलाइट अस्पताल, गंगाशहर का निरीक्षण करते हुए प्रसूति विभाग की नियमित व्यवस्था के सन्दर्भ में अधीक्षक मुकेश वाल्मीकि के साथ आवश्यक चिकित्सकों एवं संसाधनों के बारे में समीक्षा की। प्रिंसिपल सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि जन अभाव अभियोग सतर्कता समिति सदस्य मोहन सुराणा के नेतृत्व में गंगाशहर नागरिक परिषद का शिष्टमंडल के अनुरोध अनुसार अस्पताल में डॉ. खुशबू जोशी नियमित सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रसूति विभाग के लिए एक अन्य एस.आर. की नियुक्ति पूर्व में ही की हुई है। प्रसूति की 24 घंटे सुचारू व्यवस्था हेतु तीन शिफ्ट में 2-2 यानि कुल 6 प्रशिक्षु मिड वाइफरी की व्यवस्था भी आज से कर दी गई है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि अस्पताल में नेत्र चिकित्सक डॉ. संजीव सहगल के सेवानिवृत्त होने से यहां नेत्र शल्य चिकित्सा शिविरों के बन्द हो जाने व आउटडोर की आवश्यकता के सम्बन्ध में संयुक्त निदेशक डॉ. देवेन्द्र चौधरी से वैकल्पिक व्यवस्था हेतु निवेदन किया था। डॉ. चौधरी ने उनके निवेदन के अनुसार नेत्र चिकित्सक डॉ. उर्मिला जयपाल की गंगाशहर सेटेलाइट अस्पताल में नियुक्ति के आदेश कर दिए हैं। इसके साथ ही पी.बी.एम. अस्पताल से 15-15 दिनों के रोटेशन से 2 चिकित्सकों की नियुक्ति के आदेश किए गए हैं।
डॉ. वर्मा ने बताया कि सेवा निवृत्त होने वाले नेत्र शल्य चिकित्सक डॉ. संजीव सहगल का पे माइनस पेंशन योजना में पुनर्नियुक्ति हेतु आवेदन भेजा हुआ है।

मोहनलाल सुराना ने कहा कि गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में चिकित्सा की समुचित सुविधाएं विकसित होने से रोगी यहां प्राथमिकता देंगे व पी.बी.एम. अस्पताल पर दवाब कम होगा।
गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मुकेश बाल्मीकि ने कहा कि अस्पताल में स्वीकृत चिकित्सकों के पद में तीन पद रिक्त हैं। अस्पताल के आउट डोर, प्रसूति विभाग, आपातकालीन विभाग आदि सेवाओं के लिए कम से कम एक गाइनी चिकित्सक, एक गाइनी एस.आर. व तीन एम.ओ. (चिकित्साधिकारियों) की आवश्यकता है। प्रिंसिपल डॉ. सुरेन्द्र वर्मा ने बताया कि इसके लिए व प्रसूति विभाग के लिए आवश्यक रु. 27.00 लाख के आवेदन राज्य सरकार को भेजे हुए हैं। उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता मोहनलाल सुराणा को कहा कि इसके लिए मंत्रालय व प्रशासनिक स्तर पर समुचित प्रयास करना जरूरी है।
डॉ. वर्मा ने गंगाशहर अस्पताल में आभा, आई.एच.एम.एस. एवं मा योजना के बारे में जानकारी ली व इसका अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इससे अस्पताल की आर.एम.आर.एस. की आय भी बढ़ेगी व इसका अस्पताल के विकास में समुचित उपयोग किया जा सकेगा।
गंगाशहर नागरिक परिषद के गंगाशहर समिति के संयोजक जतन दूगड. ने बताया कि प्रिंसिपल डॉ. वर्मा ने अस्पताल में वार्ड आदि अस्पताल के पूरे निरीक्षण के साथ ही अस्पताल में पार्किंग शेड व लिफ्ट के लिए जारी निर्माण कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
बच्छराज रांका ने बताया कि वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन सुराना व विमल पारीक, गंगाशहर नागरिक परिषद् के जतन दूगड़, महेन्द्र चौपड़ा आदि सदस्य, अस्पताल अधीक्षक डॉ. मुकेश बाल्मीकि, डॉ . विजयपाल सुनिया, डॉ . खुशबू जोशी आदि चिकित्सक, नर्सिंग प्रभारी मोहनलाल मोदी व स्टाफ कर्मी उपस्थित रहे। प्राचार्य महोदय के साथ मेडिकल कॉलेज की आई टी शेल के सदस्यों ने गंगाशहर सेटेलाइट अस्पताल में तकनीकी कार्य कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करते हुए इसका अधिकतम उपयोग करने की प्रेरणा दी।
मोहनलाल सुराना ने डॉ. वर्मा के त्वरित निर्णय कर गंगाशहर अस्पताल में नेत्र व प्रसूति विभाग में चिकित्सकों व मिड वाइफरी की व्यवस्था करने के लिए आभार व्यक्त किया।

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