बीकानेर में अस्पतालों के रास्ते बदहाल, छह महीने से खुला नाला; आखिर किसका इंतजार कर रहा प्रशासन?

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किसी भी शहर के विकास में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। खासकर प्रशासन के अभियंताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे शहर की बुनियादी सुविधाओं, सड़कों, नालों और सीवरेज व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखें। लेकिन बीकानेर में कुछ ऐसे उदाहरण सामने हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि जिम्मेदार अभियंताओं की नजरें शायद शहर की वास्तविक समस्याओं तक पहुंच ही नहीं पा रही हैं या फिर जानबूझकर इनकी अनदेखी की जा रही है।

इसका एक उदाहरण रानी बाजार स्थित अपेक्स हॉस्पिटल के पास चौराहे पर देखा जा सकता है। यहां पिछले छह महीने से अधिक समय से गंदा नाला खुला पड़ा है। नाले का मिलान नए निर्मित नाले से तो कर दिया गया, लेकिन अपेक्स हॉस्पिटल से इस नाले तक आने वाला सीवर पाइप जाम होने के कारण उसका समाधान बाईपास बनाकर खुले नाले के रूप में कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि नया नाला बनने के बाद भी इस अस्थायी बाईपास नाले को बंद नहीं किया गया। नतीजतन, आज भी खुले में बहती गंदगी सड़क पर फैल रही है और आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है।

दूसरी समस्या अपेक्स हॉस्पिटल से एएसजी आई हॉस्पिटल तक की सड़क की बदहाल स्थिति है। यह पूरी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। सड़क पर गहरे गड्ढे हैं, लेकिन न तो उन्हें भरा गया और न ही पैचवर्क करवाया गया। वहीं, एएसजी हॉस्पिटल से आगे मित्तल स्टूडियो की ओर सड़क का निर्माण अथवा पैचवर्क कर दिया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि इसी सड़क के एक हिस्से को दुरुस्त करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को अस्पताल तक पहुंचने वाला क्षतिग्रस्त हिस्सा आखिर क्यों नजर नहीं आया?

यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है। इनमें बुजुर्ग, गंभीर रोगी और आंखों के उपचार के लिए आने वाले मरीज भी शामिल हैं। ऐसे में सड़क की बदहाली और खुले नाले के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।

सवाल यह है कि जब नए नाले का निर्माण हो चुका है तो पुराने बाईपास को अब तक बंद क्यों नहीं किया गया? सीवर पाइप की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ? अस्पतालों तक पहुंचने वाली सड़क की मरम्मत को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई?

बीकानेर के जिम्मेदार अभियंताओं और जिला प्रशासन को इन समस्याओं का संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। आखिर विकास का मतलब केवल नए निर्माण करवाना ही नहीं, बल्कि पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान करना और आमजन को राहत देना भी है।

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