नशे को कहें ना, लक्ष्य को कहें हां: आईपीएस विशाल जांगिड़ ने युवाओं को किया प्रेरित

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नशे को कहें ना, लक्ष्य को कहें हां: आईपीएस विशाल जांगिड़ ने युवाओं को किया प्रेरित

आरएसवी में नशा मुक्ति अभियान ‘अंकुश’ के दूसरे चरण का शुभारंभ

बीकानेर।
जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सभागार में शनिवार को पुलिस विभाग और एनएलजेसी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक सेमिनार में नशा मुक्ति अभियान ‘अंकुश’ के दूसरे चरण का आगाज किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के जाल से बचाने और उनके जीवन को सही दिशा में प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ आदित्य स्वामी, युवा आईपीएस अधिकारी विशाल जांगिड़, कोऑर्डिनेटर रविंद्र भटनागर, भारतीय आर्चरी टीम के कोच अनिल जोशी, उद्घोषक रविंद्र हर्ष और ज्योति रंगा ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। इस अवसर पर विद्यालय की सीनियर विंग के विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विशाल जांगिड़ का प्रेरक संदेश

आईपीएस विशाल जांगिड़ ने अपने प्रेरक उद्बोधन में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा, “हर विद्यार्थी को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य तय करना चाहिए। यदि आपका लक्ष्य निश्चित है, तो आप कभी भी किसी बुरी लत का शिकार नहीं होंगे। अपने विचारों को अभिभावकों और शिक्षकों के साथ साझा करना बेहद जरूरी है। यह आपकी मानसिकता को संतुलित रखने में मदद करेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि नशा व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से कमजोर बनाता है। “हमें न केवल खुद को बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इस बुरी आदत से बचाने का प्रयास करना चाहिए।”

आदित्य स्वामी का मार्गदर्शन

आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ आदित्य स्वामी ने विद्यार्थियों को अपने जीवन में सकारात्मकता और सृजनात्मकता को स्थान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, “विद्यार्थी जीवन एक ऐसा समय है जब व्यक्ति अपने भविष्य की नींव रखता है। खेल-कूद और कलात्मक गतिविधियों में भाग लेकर व्यक्ति अपने जीवन को सही दिशा में ले जा सकता है। अपने साथियों के कार्यों पर नजर रखें और किसी भी बुरी आदत से बचें।”

प्रेरक डॉक्यूमेंट्री और शपथ ग्रहण

कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसने विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया। इसके माध्यम से नशे से जुड़े सामाजिक, मानसिक और शारीरिक प्रभावों को स्पष्ट किया गया। इसके बाद कोऑर्डिनेटर रविंद्र भटनागर ने विद्यार्थियों को नशे से मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई।

अन्य वक्ताओं के विचार

भारतीय आर्चरी टीम के कोच अनिल जोशी ने विद्यार्थियों को खेल और अनुशासन के माध्यम से जीवन को सुधारने के तरीके बताए। वहीं, विद्यालय के वाणिज्य वर्ग के प्रभारी डॉ. पुनीत चोपड़ा और एनसीसी प्रभारी विनय कुमार विश्नोई ने भी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।

सम्मान और समापन

कार्यक्रम के अंत में आदित्य स्वामी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन ज्योति रंगा ने किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को पूरे समय प्रेरित और उत्साहित बनाए रखा।

संदेश का व्यापक प्रभाव

यह आयोजन नशा मुक्ति की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ। विद्यार्थियों ने न केवल नशे से दूर रहने का संकल्प लिया बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का जिम्मा उठाया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे सफल और प्रेरणादायक बनाया।

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