बीकानेर, 2 अक्टूबर। सत्य और अहिंसा की गूंज जब इशारों की भाषा में गूंजती है, तो उसका अर्थ और भी गहरा हो जाता है। ऐसा ही मनोरम दृश्य आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बधिर, बीकानेर में देखने को मिला, जहाँ गांधी जयंती का पावन उत्सव अत्यंत श्रद्धा और रचनात्मकता के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बधिर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई सजीव झांकियों से हुआ। नन्हें-नन्हें हाथों ने जब गांधी जी के जीवन के विभिन्न पड़ावों – चरखा चलाते बापू, दांडी मार्च और सत्य के प्रयोगों को मंच पर जीवंत किया, तो उपस्थित हर व्यक्ति भावविभोर हो उठा।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रेणु वर्मा ने बच्चों को गांधी जी के जीवन-दर्शन से अवगत कराते हुए कहा कि गांधी जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं। उन्होंने बच्चों को सत्य और अहिंसा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती सुनीता गुलाटी ने गांधी जी की जीवनी और उनके अमूल्य विचारों पर प्रकाश डाला। उनके वचनों को और अधिक सुलभ बनाने के लिए श्रीमती रेखा गौड़ ने प्रत्येक शब्द को स्नेहपूर्वक सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) में अनुवादित कर बच्चों के हृदय तक पहुँचाया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब उप प्रधानाचार्य श्री उमेद सिंह राजपूत, श्री रोहित आचार्य एवं समस्त स्टाफ के सहयोग से विद्यालय के सभी बधिर बच्चों ने एक साथ मिलकर ‘हे राम’ की मानव आकृति बनाई। मौन होंठों से निकला बापू का अंतिम शब्द जब आकृति के रूप में साकार हुआ, तो पूरा परिसर ‘बापू अमर रहें’ के मौन जयघोष से गूंज उठा।







