बीकानेर सैन्य क्षेत्र में सैनिकों और उनके परिवारों को उच्च शिक्षा के अवसरों की दी जानकारी
बीकानेर। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के बीकानेर केंद्र की ओर से बीकानेर सैन्य क्षेत्र में सेना में कार्यरत जवानों एवं उनके परिवारों के लिए आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सेना के जवानों एवं उनके परिवारों को विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों, शैक्षणिक योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अन्य पाठ्यक्रमों के साथ बालिका शिक्षा योजना के तहत महिलाओं के लिए फीस पुनर्भरण की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही एक साथ दो डिग्री करने की सुविधा तथा नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय द्वारा की गई विशेष व्यवस्थाओं के बारे में भी बताया गया। प्रवेश की अंतिम तिथि 4 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के बीकानेर केंद्र निदेशक श्री सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि सेना के जवान देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी सेवा की प्रकृति को देखते हुए विश्वविद्यालय का प्रयास है कि शिक्षा उनके लिए आसानी से सुलभ हो।
निदेशक सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि सेना के जवानों और उनके परिवारों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इसी क्रम में सैन्य क्षेत्र में अध्ययन केंद्र भी प्रारंभ किया गया है, ताकि सेना में कार्यरत जवानों एवं उनके परिवारों को काउंसलिंग, अध्ययन संबंधी मार्गदर्शन और परीक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्हें ये सुविधाएं सैन्य क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें। हमारा उद्देश्य है कि ड्यूटी के साथ-साथ जवान और उनके परिवार के सदस्य अपनी शिक्षा भी निरंतर जारी रख सकें।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला और सुलभ बनाया गया है, जिसका लाभ सेना के जवानों और उनके परिवारों को भी मिल सकेगा।
विश्वविद्यालय के बीकानेर केंद्र में काउंसलर डॉ. सरोज राठौड़ ने बताया कि कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को भी उच्च शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध शैक्षणिक योजनाओं, फीस पुनर्भरण एवं विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक महिलाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के बीकानेर केंद्र में काउंसलर डॉ. मुदिता पोपली ने बताया कि खुला विश्वविद्यालय की लचीली शिक्षा व्यवस्था का लाभ सेना में कार्यरत जवान अपनी ड्यूटी के साथ भी उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सेना में सेवा के दौरान जवानों की ड्यूटी और तैनाती अलग-अलग स्थानों पर होती रहती है, ऐसे में नियमित रूप से कॉलेज जाना संभव नहीं होता। खुला विश्वविद्यालय के माध्यम से वे अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर सकते हैं और अपनी शैक्षणिक योग्यता को आगे बढ़ा सकते हैं। विश्वविद्यालय की अध्ययन एवं परीक्षा संबंधी सुविधाएं उनके लिए शिक्षा जारी रखने में काफी मददगार साबित हो सकती हैं।
कार्यशाला में सेना के जवानों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा प्रवेश, पाठ्यक्रम, परीक्षा एवं अध्ययन केंद्र से संबंधित विभिन्न सवालों के जवाब भी प्राप्त किए।








