डीजल-पेट्रोल के दाम कब घटेंगे, ओपीएस का क्या होगा:विधानसभा में सवालों की बौछार झेलेगी भजनलाल सरकार, पूछने वालों में बेनीवाल-सराफ आगे, गहलोत-पायलट पीछे

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डीजल-पेट्रोल के दाम कब घटेंगे, ओपीएस का क्या होगा:विधानसभा में सवालों की बौछार झेलेगी भजनलाल सरकार, पूछने वालों में बेनीवाल-सराफ आगे, गहलोत-पायलट पीछे

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार से बजट सत्र में भजनलाल सरकार को तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। विधायकों ने 593 सवाल लगाए हैं, जिनके जवाब देने होंगे।

विपक्ष ने पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) बंद करने की आशंका, नए जिलों की घोषणा, पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम करने जैसे मुद्दों पर सवाल पूछकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। चौंकाने वाली बात ये है कि नेता प्रतिपक्ष बनाए गए टीकाराम जूली ने एक भी सवाल विधानसभा में नहीं लगाया है। सचिन पायलट, अशोक गहलोत का नाम भी इसी लिस्ट में शुमार हैं।

वहीं सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सरकार से कुछ सवालों का जवाब मांगा है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने खुद कोई सवाल नहीं लगाया, लेकिन उनके करीबी मानें जाने वाले दो वरिष्ठ विधायकों ने तो सबसे ज्यादा सवाल पूछे हैं।

इस रिपोर्ट में हम बताएंगे कि आपके विधायकों ने किस-किस तरह के सवाल लगाए हैं, नेता ने जनता से जुड़े सवाल पूछने में रुचि ली है या नहीं? कौन विधायक सवाल पूछने में आगे है?

पढ़िए- मंडे स्पेशल स्टोरी…

आइए पहले जान लेते हैं कि कैसे-कैसे सवाल इस बार विधानसभा में लगाए गए हैं?

  • क्‍या राजस्थान सरकार प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अन्‍य राज्‍यों के समान करने का विचार कर रही है? यदि हां, तो कब तक?
  • क्‍या सरकार 100 यूनिट बिजली मुफ्त योजना को चालू रखने का विचार रखती है? यदि नहीं, तो क्‍यों?
  • क्‍या सरकार ओल्ड पेंशन स्‍कीम को चालू रखने का विचार रखती है? यदि नहीं, तो क्‍यों?
  • प्रदेश में विगत एक वर्ष में कितने स्मार्ट फोन वितरित किए गए, कितनी राशि खर्च हुई?
  • मालपुरा, कुचामन और सुजानगढ़ जिले बनेंगे क्या?
राजस्थान का हर विधायक एक सत्र में जनता की समस्याओं से जुड़े 100 सवाल पूछ सकता है। सवाल पूछने से सरकार की जवाबदेही तय हो जाती है।

राजस्थान का हर विधायक एक सत्र में जनता की समस्याओं से जुड़े 100 सवाल पूछ सकता है। सवाल पूछने से सरकार की जवाबदेही तय हो जाती है।

गहलोत-राजे और पायलट ने नहीं पूछा कोई सवाल
विधानसभा के हर सत्र में लोग जानना चाहते हैं कि बड़े नेताओं ने कौन-कौन से सवाल लगाए हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगेगी। प्रदेश स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेताओं की बात करें, इन दिग्गजों ने सवाल पूछने में कोई रुचि नहीं दिखाई है।

इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के नाम शामिल हैं। यहां तक कि नेता प्रतिपक्ष बनाए गए टीकाराम जूली ने भी सरकार से पूछने के लिए कोई सवाल नहीं लगाया है।

राजे समर्थक विधायक सत्ता से सवाल पूछने में आगे

वसुंधरा राजे के बड़े समर्थकों की बात करें तो इनमें कालीचरण सराफ, प्रताप सिंह सिंघवी, श्रीचंद कृपलानी और निर्दलीय विधायक यूनुस खान का नाम आता है। सदन में श्रीचंद कृपलानी और यूनुस खान ने कोई सवाल नहीं पूछा,लेकिन कालीचरण सराफ और प्रताप सिंह सिंघवी ने बढ़-चढ़कर सवाल किए हैं। हालांकि ये सवाल ऐसे नहीं हैं, जिनसे सरकार को असहज होने पड़े।

  • कालीचरण सराफ – 30
  • प्रताप सिंह सिंघवी – 29
  • श्रीचंद कृपलानी – 0
  • यूनुस खान – 0

कौन नेता सवाल पूछने में रहे आगे?

इस सत्र में 593 सवाल लगाए जा चुके हैं। सवाल पूछने में विपक्ष से रालोपा प्रमुख हनुमान बेनीवाल और सत्ता पक्ष से वरिष्ठ विधायक काली चरण सराफ टॉप पर हैं। दोनों ने 30-30 सवाल लगाए हैं।

प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस की ओर से सबसे ज्यादा सवाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने लगाए हैं। उन्होंने सरकार से 25 सवालों का जवाब मांगा है। वहीं सत्ता पक्ष से वरिष्ठ विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने भी 29 सवाल लगाए हैं। सिंघवी सवाल पूछने में तीसरे नंबर पर हैं।

जनता से जुड़े वो बड़े मुद्दे जिन पर विधायकों ने पूछे सवाल?

राजस्थान के प्रमुख चुनावी मुद्दों में पेपरलीक, बढ़ते अपराध, पेट्रोल-डीजल पड़ोसी राज्यों के बराबर करने जैसे मुद्दे छाए थे। इन प्रमुख 3 मुद्दों पर भी विधायकों ने सवाल पूछे हैं….

1. पेपरलीक : 3 विधायकों ने पूछे सवाल

पेपरलीक मुद्दा पिछली गहलोत सरकार में और पूरे चुनाव में भी छाया रहा। इस मुद्दे पर तीन विधायकों ने अलग-अलग 3 सवाल लगा हैं। कालीचरण सराफ, हनुमान बेनीवाल और बाबू सिंह राठौड़ ने इस मुद्दे पर सवाल पूछे हैं।

क्या-क्या सवाल हैं?

  • पिछले चार वर्षों में पेपर लीक के कितने प्रकरण और किन-किन के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं? कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और कितने फरार हैं? – कालीचरण सराफ
  • पेपरलीक के दर्ज मामलों की जांच में एसआईटी किन-किन भर्ती परीक्षाओं की जांच करेगी? – हनुमान बेनीवाल
  • क्‍या सरकार परीक्षाओं के पेपरलीक न हो, कोई कारगर कार्य योजना बनाने का विचार रखती है? यदि हां, तो किस प्रकार व कब तक? – बाबू सिंह राठौड़

2. पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होंगी या नहीं, इस पर 4 विधायकों ने पूछा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में पड़ोसी राज्यों से ज्यादा पेट्रोल-डीजल की दरों को लेकर मुद्दा उठाया था। अब इस मुद्दे पर हरीश मीना, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया सहित 4 विधायकों ने सवाल पूछे हैं।

क्या-क्या सवाल?

  • क्या सरकार आम जन को राहत देने के लिए प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की दरों को कम करने का विचार रखती है? – हरीश मीना, रामनिवास गावड़िया
  • राजस्थान के वाहन मालिकों की ओर से पड़ोसी राज्‍यों से पेट्रोल-डीजल भरवाने के कारण प्रदेश को प्रति माह करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है? – बाबू सिंह राठौड़
पूर्व जलदाय मंत्री का नाम जल जीवन मिशन घोटाले में आया था।

पूर्व जलदाय मंत्री का नाम जल जीवन मिशन घोटाले में आया था।

3. जल जीवन मिशन के घोटाले पर सर्वाधिक 20 सवाल

चुनाव से पहले पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी का नाम जल जीवन मिशन में हुए घोटालों में उछला था। ईडी भी इस मामले में सक्रिय है और लगातार छापे मार रही है। विधानसभा में 15 विधायकों की ओर से जल जीवन मिशन से संबंधित 20 सवाल पूछे गए हैं।

क्या-क्या सवाल?

  • प्रदेश मे जल जीवन मिशन के अंतर्गत निविदाओं में भारी अनियमितताएं हुई हैं? यदि हां, तो सरकार की ओर से अब तक किन-किन अधिकारियों और फर्मों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्रवाई की गई? – हनुमान बेनीवाल
  • क्‍या यह सही है कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 40 प्रतिशत गांवों में अब तक कार्य शुरू तक नहीं हुआ है? – संदीप शर्मा

4. पुरानी पेंशन स्कीम को बंद करने का डर! विधायकों ने लगाए 3 सवाल

राजस्थान के राज्य के अधीन कर्मचारियों को पिछली गहलोत सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) को बंद कर वापस ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) का लाभ देना शुरू कर दिया था। कांग्रेस ने प्रचार के दौरान माहौल बनाया था कि यदि सरकार बदली तो नई सरकार पुरानी योजनाओं को बंद कर देगी। सरकार बदलने के बाद अब कर्मचारियों के मन में भी सवाल उठ रहा है कि ओल्ड पेंशन स्कीम ही लागू रहेगी या नहीं।

क्या क्या सवाल?

  • क्‍या सरकार ओपीएस स्‍कीम को चालू रखने का विचार रखती है? यदि नहीं, तो क्‍यों? – गोविंद सिंह डोटासरा
  • ओपीएस का लाभ कितने राज्य कर्मियों को मिला? – इंदिरा मीणा

5. नए जिलों पर भी विधायकों ने पूछे सवाल

नए जिलों से संबंधित विधायकों ने 5 सवाल पूछे हैं। ये सवाल कांग्रेस विधायकों ने ही लगाए हैं।

क्या क्या सवाल?

  • क्या सरकार पिछली सरकार में घोषित किए गए संभागों-जिले, तहसील-उप तहसील आदि पर पुनर्विचार कर रही है? – गोविंद सिंह डोटासरा
  • पिछली सरकार ने मालपुरा, कुचामन और सुजानगढ़ को जिला बनाने की घोषणा की गई थी, क्या ये सरकार इन्हें जिला बनाने का विचार रखती है? – हरीश मीना

6. बढ़ते अपराध, महिला अपराध, पॉक्सो और पुलिसिंग पर 16 विधायकों ने पूछे 27 सवाल

राजस्थान में महिला और बच्चियों से होने वाले अपराध, गैंगवार और पुलिसिंग बड़ा चुनावी मुद्दा रहे। इस मुद्दे पर 16 विधायकों ने 27 सवाल लगाए हैं। कुछ सवाल साइबर क्राइम से भी संबंधित हैं।

क्या-क्या सवाल?

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे महिलाओं पर अत्‍याचार, रेप, हत्‍या की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने अब तक क्‍या-क्‍या प्रभावी कदम उठाए हैं? – मुकेश भाकर

पिछले तीन साल में गैंगवार की कुल कितनी घटनाएं कहां-कहां हुईं और इसमें कुल कितने लोग मारे गए? – कालीचरण सराफ

7. पिछली सरकार के कर्ज को लेकर पूछे सवाल

  • सरकार की ओर से पिछले पांच साल में कितना कर्ज लिया गया? वर्षवार विवरण दें?  कालीचरण सराफ
  • सरकार को खर्चे के मुकाबले कितनी आय हो रही है? राजस्व बढ़ाने के क्या उपाय सोच रही है सरकार? – हरीश मीना
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