कर्मचारी महासंघ ने राज्य सरकार के विरुद्ध आर पार की लड़ाई का निर्णय लिया

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बीकानेर।”प्रशासन गांवों / शहरों के संग शिविरों का होगा बहिष्कार।अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आव्हान पर राज्य सरकार की ओर से राज्य कर्मचारियों की न्यायोचित मांगो को नजर अंदाज किये जाने, संवादहीनता कायम करने व बादाखिलाफी के विरोध में महासंघ की जिला शाखा की ओर से जिलाध्यक्ष पृथ्वीराज लेघा के नेतृत्व में गुरुवार को मुख्य सचिव के नाम असहयोग आंदोलन के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा। जिलाध्यक्ष लेघा ने बताया कि प्रदेश महासंघ की ओर से आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम घोषित किया गया है उन्होंने बताया कि राज्य कर्मचारियों की कोरोना जैसी महामारी के दौर में सफल प्रबन्धन में पूर्ण भूमिका रही है। साथ ही राज्य सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों में शत प्रतिशत सफल क्रियान्विति करने के बावजूद राज्य सरकारी की ओर से कर्मचारियों के प्रति संवादहीनता एवं बादाखिलाफी रही है। जिसमें राज्य कर्मचारियों में असंतोष व आक्रोश व्याप्त है। जिला महामंत्री देवराज जोशी ने बताया कि विगत 20 वर्षों से राज्य सरकारों ने प्रदेश के कर्मचारियों के वित्तीय एवं प्रशासनिक हितों पर लगातार कुठाराघात किया है। प्रदेश के कर्मचारियों को साथ छठे एवं सातवें वेतनमान को लागू करते समय बहुत बड़ा वित्तीय आघात किया गया है जिससे प्रदेश के कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश है एवं महासंघ ने कर्मचारियों के हितार्थ आर-पार के संघर्ष का निर्णय किया है।

पूर्व जिलाध्यक्ष जयकिसन पारीक ने बताया कि राज्य सरकार को विगत तीन वर्षों से जरिये ज्ञापन, धरना प्रदर्शन आदि के माध्यम से राज्य कर्मचारियों की मांगो के प्रति ध्यान आकृष्ट करवाया गया है। परन्तु सरकार की नीति कर्मचारियों के प्रति नकारात्मक रही है एवं लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के प्रति विपरीत आचरण है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनन्द पारीक ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री गांधीवाद व लोकतंत्र के समर्थक माने जाते हैं परन्तु वर्तमान में सरकार नौकरशाहों के प्रभाव में समस्त मान्यताओं का गला घोंट रही है शिक्षक नेता संजय पुरोहित ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की शालीनता को कमजोर मानने की गलती ना करे संविदा कर्मचारी नेता धीरज पारीक ने समस्त संविदा / ठेका / अस्थाई / लोक जुम्बिश / पैराटीचर / शिक्षाकर्मी को नियमित करने की मांग उठाई।

महासंघ की संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन के चरण में 11.11.2021 को असहयोग आंदोलन का नोटिस, 17.11.21 को उपखण्ड अधिकारी पर नोटिस 21.1121 से 25.11.21 तक जिलों पर संघर्ष घेतना सभा 26.11. 21 जयपुर में संवाददाता सम्मेलन 29.11.21 से 30.11.21 प्रशासन शहरों व गांवों के संग शिविरों में काली पट्टी बांधकर विरोध 29.1121 समस्त राजकीय ग्रुप से लेफ्ट, 01.12.21 से 03.12.21 प्रशासन शहरों व गांवो के संग शिविरों का बहिष्कार एवं धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में सतवीर पचार कैलाश वैष्णव, श्रवण पुरोहित, विक्रम प्रजापत, बादरतन सोलकी, मालाराम चौधरी, ज्ञानेन्द्र सिंह, दागोदर भाटी, भुवनेश साध, पवनदान चारण, देवेन्द्र जाखड़ भंवरलाल गोयल, गोविन्द भार्गव, यतीश वर्मा, लालचन्द पड़िहार, रामलाल सुधार, भँवर पोटलिया, श्रवण मान, रसपालसिह मोटा, रामनिवास रोकणा, लक्ष्मीनारायण प्रजापत, कालूराम सिंवर आदि कर्मचारी नेता शामिल हुए।

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