
बीकानेर।गंगाशहर हादसे में ठेकेदार द्वारा सात लाख रुपए देने पर सहमति बनने के पश्चात परिजन शव लेने को राज़ी हुए।
अब मृतकों के आश्रितों को अलग अलग मदों में कुल 13-13 लाख रूपए का मुआवजा मिलेगा। वहीं सरकारी नौकरी का प्रस्ताव भी भिजवा दिया गया है। मुआवजा राशि में से मुख्यमंत्री योजना के तहत 1-1 लाख रूपए की घोषणा बीती रात ही कर दी गई थी। वहीं वार्ता में श्रमिक कार्ड से पांच पांच लाख रूपए दिलवाने पर सहमति बनीं। इसके अतिरिक्त बिल्डिंग मालिक तरुण यादव व ठेकेदार सांवरलाल को मिलकर सात सात लाख रूपए तीनों मृतक आश्रितों को देने होंगे। जिसके बाद परिजन शव लेने को राज़ी हुए।ठेकेदार व बिल्डर की लापरवाही से 9 मजदूरों में से तीन काल के ग्रास में चले गए जिसके बाद से बीकानेर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। अंततः आज ठेकेदार सात लाख देने को सहमत हुए।
संपूर्ण घटना क्रम पर गौर करें तो रविवार छुट्टी का दिन, शाम के समय मौसम सुहाना हो चला था, क्योंकि मौसम की पहली बारिश जो हो रही थी कि अचानक गंगाशहर से आई दिल दहला देने वाली खबर ने बीकानेर सहित पूरे देश को हिलाकर रख दिया ।जहां एक निर्माणाधीन दो मंजिला बिल्डिंग धड़धड़ाकर गिर गई जिसमें शुरुआती खबर सामने आई कि इसमे 9 लोगों के दबने की आशंका है जिसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन व पुलिस का पूरा अमला मौके पर पहुंच गया वहीं स्थानीय लोग भी भारी तादाद में घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। और फ़ौरन शुरू हुआ “ऑपरेशन जिंदगी” जिसमे स्थानीय लोगों के साथ पुलिस के जवान व एसडीआरएफ की टीमें युद्धस्तर पर बचाव कार्यो में जुट गई।
वंही जेसीबी मशीन व अन्य उपकरणों व एसडीआरएफ के विशेषज्ञों की मदद से मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ । इस दौरान मलबे से एक एककर कुल आठ जनों को निकाला गया जिसमें से तीन ने दम तोड़ दिया वहीं पांच गम्भीर घायलों को ट्रोमा में भर्ती करवाया गया । जबकि एक श्रमिक जो इस बिल्डिंग में काम कर रहा था वो घटनास्थल से भाग गया ।
दो मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग में रविवार को कुल 9 मजदूर काम कर रहे थे जिसमें चार निर्माण कार्य से सम्बंधित मजदूर,तीन पेंटर के काम करने वाले और दो मजदूर पीओपी के काम करने वाले थे जो सभी घटना के वक्त इस बिल्डिंग के अंदर काम कर रहे थे कि अचानक यह बिल्डिंग धड़धड़ाकर गिर गई और सभी इसके मलबे के नीचे दब गए। जिसमे एक मजदूर को मामूली चोटें आई जिसकी पहचान घड़सीसर निवासी 20 वर्षीय एजाज पुत्र लियाकत अली के रूप में हुई है जो कि घटना के तुरंत बाद मौके से भाग गया । जानकारी के अनुसार एजाज इस बिल्डिंग में पीओपी हेल्पर के तौर पर आज पहली बार ही काम पर आया था इससे पहले वह सीट बनाने वाला काम करता था ।
घटना में जान गंवाने वाले तीनों श्रमिकों की पहचान भीनासर रेगरों का मोहल्ला निवासी नेमीचंद पुत्र लादूराम व देवकरण पुत्र लादूराम व तीसरा शेखरचंद पुत्र मालाराम रेगर के रूप में हुई । तीनों मृतक निर्माण संबंधित मजदूरी का कार्य कर रहे थे ।
पांच घायलों में श्रमिक चुनीलाल पुत्र अमरचंद मेघवाल उम्र 28 वर्ष निवासी पुराना बस स्टैण्ड के आगे भीनासर,पेंटर इरशाद पुत्र मो इकबाल उम्र 30 वर्ष कादरी कॉलोनी, छोटा रानीसर बास, पेंटर फिरोज पुत्र महबूब अली उम्र 22 वर्ष कादरी कॉलोनी, पेंटर अर्जुन भार्गव पुत्र आसूराम उम्र 30 वर्ष कादरी कॉलोनी छोटा रानीसर बास, पीओपी का कार्य करने वाला मो रफीक पुत्र सनेवर मियां निवासी मोतिहारी बिहार निवासी हॉल घडसीसर घायल हुए हैं ।
हादसे वाली जगह प्रारंभ से ही विवादों के घेरे में रही है।जिस निर्माणाधीन बिल्डिंग में हादसा हुआ इसमे नीचे के हिस्से में शराब की दुकान बनाने को लेकर यहां के निवासियों ने भारी विरोध जताया था । जिसके चलते इसके विवादो के चर्चे सरकारी गलियारों में आम थे, आरोप यहां तक थे कि इस जगह दो दिन में अंडरग्राउंड का बेसमेंट बिना आरसीसी के तैयार कर दिया गया ।जिसमें निर्माण सामग्री का कोई ध्यान नही रखा गया वहीं इसके ऊपर इन दिनों दो मंजिला इमारत बनाई जा रही थी इसमे आरसीसी का उपयोग लिया जा रहा था ।लेकिन आरसीसी का भार अंडरग्राउंड बेसमेंट झेल नही पाया और दो मंजिला इमारत चंद सेंकन्डो में धराशायी हो गई और कइयों को ताउम्र के ना भरने वाले जख्म दे गई जिसमें तीन की दर्दनाक मौत और पांच की सांसे आफत में अटकी हुई है । ऐसे में सवाल कई है जो जिम्मेदारों को कठघरे में खड़े करते है लेकिन इनको जनता को जवाब तो देना ही होगा ।
इस मामले में ठेकेदार की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है।घायलों में से एक श्रमिक ने मीडिया को बताया कि निर्माणाधीन मकान में निचली मंजिल में दरार आई हुई थी जिसको लेकर उन्होंने ठेकेदार को अवगत कराया था कि इस दरार के चलते कहीं बड़ा हादसा ना हो जाये लेकिन ठेकेदार ने इन सब बातों को अनसुना कर दिया और काम को जारी रखा। वहीं घायल मजदूर ने आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार बिल्डिंग के अंदर आता ही नही था बाहर से ही दिशा निर्देश देकर चला जाता । जिसका खामियाजा श्रमिको ने उठाया और तीन काल के ग्रास में समा गए और पांच घायल हो गए । ऐसे में जिला प्रशासन सहित सरकार के नुमाइंदे इस निर्माणाधीन बिल्डिंग के ठेकेदार सहित इससे जुड़े मालिकों की इतनी बड़ी लापरवाही पर क्या कार्यवाही करते हैं यह भी देखने वाली बात है।
कल मामले की जानकारी मिलते ही मंत्री डॉ कल्ला अस्पताल पहुंचे थे।बीकानेर पश्चिम विधायक और प्रदेश के ऊर्जा तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डाॅ. बी. डी. कल्ला ने गंगाशहर क्षेत्र में निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने की जानकारी मिलते ही रविवार शाम ट्रोमा सेंटर पहुंचकर वहां इलाजरत पांचों घायलों की कुशलक्षेम जानी थी।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेव राम धोजक साथ रहे। डाॅ. कल्ला ने धोजक को निर्देश दिए कि मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख तथा घायलों को बीस-बीस हजार रुपये की सहायता राशि अविलम्ब स्वीकृत की जाए। उन्होंने इलाजरत मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सकों से जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि आवश्यक दवाइयों और जांचों को लेकर किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाए। डाॅ. कल्ला ने मृतकों केे परिजनों से भी मुलाकात की तथा इस घटना पर दुःख जताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट की थी। मामले में तमाम प्रशासनिक अमला व राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों ने भी तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंच कर राहत कार्यों में मदद की थी।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्ट र नमित मेहता व कार्यवाहक एसपी शैलेन्द्र इंदौलिया सहित पुलिस प्रशासन , सीओ सिटी पवन भादोरिया , सुभाष शर्मा , व्यास कॉलोनी थाना प्रभारी अरविंद भारद्वाज , गंगाशहर थानाधिकारी राणीदान सहित प्रशासन मौके पर पहुंच गए थे।वहीं एस डी आर एफ टीम सहित कमांडो राहत कार्य में जुट गए थे।मौके पर नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका, भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेशप्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य, महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित, विक्रमसिंह राजपुरोहित, उपमहापौर राजेन्द्र पंवार, पार्षद सुमन छाजेड, जेठमल नाहटा, शिखरचंद डागा आदि भी जुटे रहे थे।













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